आपातकाल लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था: जितेंद्र साहू

आपातकाल की 51वीं बरसी से पहले मोहला-मानपुर-चौकी जिले के मानपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू ने 1975 के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया। उन्होंने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विरोधियों के दमन का आरोप लगाया।

Jun 25, 2026 - 15:17
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आपातकाल लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था: जितेंद्र साहू

UNITED NEWS OF ASIA. जावेद खान, मानपुर l आपातकाल की 51वीं बरसी से पहले भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। जिले के मानपुर रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए कांग्रेस की तत्कालीन सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

प्रेस वार्ता के दौरान जितेंद्र साहू ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा दौर था, जब सत्ता बचाने के लिए संविधान की मूल भावना को दरकिनार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय पूरे देश में भय और आतंक का वातावरण बनाया गया तथा लोकतांत्रिक अधिकारों का व्यापक हनन हुआ।

उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए गए, मीडिया की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई और सरकार के विरोध में आवाज उठाने वाले हजारों नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद कर दिया गया। उनके अनुसार उस समय लोकतंत्र की मूल संस्थाओं पर भी दबाव बनाया गया, जिससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हुई।

जितेंद्र साहू ने कांग्रेस को व्यक्तिवादी राजनीति करने वाली पार्टी बताते हुए कहा कि आज भी उसकी कार्यशैली विरोधियों को दबाने वाली मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार आपातकाल का विरोध करती रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को अपनी प्राथमिकता मानती है।

उन्होंने जानकारी दी कि आपातकाल की 51वीं बरसी पर भाजपा पूरे प्रदेश में संविधान हत्या दिवस और काला दिवस के रूप में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को याद किया जाएगा तथा नई पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास और उसके प्रभावों से अवगत कराया जाएगा।

प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, स्वतंत्र मीडिया, न्यायपालिका की निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती भी लोकतंत्र की आधारशिला हैं। इन मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उनका कहना था कि जब तक देश में अलोकतांत्रिक सोच और प्रवृत्तियां मौजूद रहेंगी, तब तक भाजपा उसके खिलाफ आवाज उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए जनजागरण अभियान चलाती रहेगी।

प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आपातकाल के ऐतिहासिक संदर्भों पर चर्चा की गई तथा लोकतंत्र की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया गया।