जशपुर में अवैध लकड़ी तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, लावारिस पिकअप से 60 हजार की शीशम लकड़ी जब्त
जशपुर जिले के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने पेट्रोलिंग के दौरान लावारिस पिकअप वाहन से लगभग 3 घन मीटर शीशम इमारती लकड़ी जब्त की। लकड़ी की कीमत करीब 60 हजार रुपये आंकी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. योगेश यादव | जशपुर (छत्तीसगढ़) जशपुर जिले के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत अवैध वन तस्करी के खिलाफ वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पंगसुवा–झक्करपुर क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग गश्त के दौरान टीम ने एक लावारिस पिकअप वाहन से कीमती शीशम (शीसो) इमारती लकड़ी जब्त की है।
जानकारी के अनुसार, बीते दिन वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ग्राम झक्करपुर के आसपास गश्त कर रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे एक पिकअप वाहन संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला, जिसे पीले रंग के प्लास्टिक तिरपाल से ढककर रखा गया था। वाहन की स्थिति संदिग्ध लगने पर टीम ने तत्काल उसकी जांच की। जांच के दौरान पिकअप के अंदर भारी मात्रा में लकड़ी लदी हुई पाई गई।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों से पूछताछ करने पर यह पुष्टि हुई कि पिकअप में लदी लकड़ी शीशम (इमारती लकड़ी) है, जिसकी अवैध रूप से कटाई और परिवहन किया जा रहा था। इसके बाद वन विभाग ने पुलिस की सहायता से पिकअप वाहन सहित कुल 07 नग शीशम लकड़ी जब्त कर सुरक्षार्थ थाना लाया।
इस संबंध में वन एसडीओ पत्थलगांव के. एस. कंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि जब्त की गई लकड़ी की मात्रा लगभग 3 घन मीटर है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 60 हजार रुपये आंकी गई है। उन्होंने बताया कि लकड़ी का मालिक मौके से फरार हो गया है, जिसकी पहचान और तलाश की जा रही है।
वन विभाग द्वारा मामले में छत्तीसगढ़ वन अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही पिकअप वाहन के स्वामित्व और लकड़ी के स्रोत की जांच भी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में मामला अवैध लकड़ी कटाई और परिवहन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
वन एसडीओ कंवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में अवैध लकड़ी तस्करी, वन संपदा की चोरी और गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ आगे भी सख्त निगरानी और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी अवैध कटाई या लकड़ी परिवहन की जानकारी मिले तो तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचित करें।
इस कार्रवाई से अवैध वन तस्करों में हड़कंप मच गया है और वन विभाग की सक्रियता से वन संपदा संरक्षण को मजबूती मिली है।