एक सप्ताह में FIR नहीं तो SDOP कार्यालय का घेराव, 128 गांवों की महाबैठक में ग्रामीणों ने दी चेतावनी

सीतानदी-उदंती क्षेत्र के 128 गांवों के ग्रामीणों ने खल्लारी में महाबैठक कर वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। जल, जंगल, जमीन बचाव संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर FIR दर्ज नहीं हुई तो नगरी SDOP कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

Sep 25, 2026 - 09:44
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एक सप्ताह में FIR नहीं तो SDOP कार्यालय का घेराव, 128 गांवों की महाबैठक में ग्रामीणों ने दी चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l सीतानदी-उदंती क्षेत्र में जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। 24 सितंबर को ग्राम खल्लारी के बाजार चौक में 128 गांवों के ग्रामीणों की महाबैठक आयोजित की गई। भारी बारिश के बीच रेनकोट और छतरियां लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण बैठक में पहुंचे। संघर्ष समिति के अनुसार, करीब 1 हजार ग्रामीणों ने बैठक में हिस्सा लिया और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।

राजापड़ाव, रिसगांव, बेलरबाहरा, ठेनही, बोराई, खल्लारी, ऊजरावन, करका, बहिगांव, उदंती और गहनासियार सहित विभिन्न गांवों के पारा-टोला से ग्रामीण महाबैठक में शामिल हुए। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों और शिकायतों पर न्याय नहीं मिलता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।

महाबैठक से पहले जल, जंगल, जमीन बचाव संघर्ष समिति सीतानदी-उदंती की ओर से पुलिस अधीक्षक धमतरी के नाम लिखित ज्ञापन थाना प्रभारी खल्लारी को सौंपा गया। समिति ने वन विभाग के अधिकारियों और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों पर आदिवासी ग्रामीणों को विस्थापन के लिए कथित तौर पर धमकाने, PESA ग्रामसभा का अपमान करने और ग्रामीणों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए हैं। समिति ने इन आरोपों के संबंध में FIR दर्ज करने की मांग की है।

समिति के अनुसार, 9 सितंबर को वन विभाग की टीम ग्राम पंचायत करका पहुंची थी। समिति का आरोप है कि इस दौरान ग्रामीणों पर विस्थापन का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर धमकी दी गई। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि PESA का हवाला देने पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

समिति ने 22 सितंबर की एक अन्य घटना का भी उल्लेख किया। उसके अनुसार, DFO के नेतृत्व में पहुंची टीम के एक कर्मचारी द्वारा ग्रामीणों के लिए कथित रूप से अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। समिति ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जल, जंगल, जमीन बचाव संघर्ष समिति ने पुलिस प्रशासन को एक सप्ताह का समय देने की बात कही है। समिति का कहना है कि यदि इस अवधि में FIR दर्ज नहीं की गई तो ग्रामीण नगरी स्थित SDOP कार्यालय का घेराव करेंगे। समिति ने कहा कि यह कदम ग्रामीणों की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग को लेकर उठाया जाएगा।

महाबैठक में समिति के अध्यक्ष सिरधन सोम, मनोज साक्षी, रेवा देवदास, माखन सलाम, धनेश मरकाम, संजय नेताम, हिम्मत सिंह नेताम, टीकम नागवंशी, लोकेश्वरी नेताम, अर्जुन नायक, दैनिक राम मंडावी, मंगल सिंह नाग सहित विभिन्न पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। इसके अलावा रिसगांव, बेलरबाहरा, बहिगांव, उदंती और राजापड़ाव सहित कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

बैठक में सलाहकार मंडल से ईश्वरी नेताम, गोपाल सोरी और बुधराम मांझी सहित मीडिया प्रभारी पुरन मेश्राम, जगत कुंजाम, ऋषि ओटी, प्रभाष नाग, रोहन नेताम और सुभाष सोरी भी उपस्थित रहे। 128 गांवों के पटेल, गायता, पुजारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में संघर्ष समिति ने अपनी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही।