यह जानकारी शिरीष सेलट, कार्यपालक निदेशक, राजनांदगांव क्षेत्र द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की जागरूकता और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार से ही किसी भी संभावित विद्युत दुर्घटना को रोका जा सकता है। होली का पर्व सभी के लिए खुशियों का अवसर है, ऐसे में थोड़ी सी सावधानी गंभीर हादसों से बचा सकती है।
उन्होंने बताया कि होलिकोत्सव के अवसर पर शासकीय अवकाश होने के बावजूद बिजली से संबंधित शिकायतों के शीघ्र निराकरण के लिए सभी शिकायत केंद्र सामान्य दिनों की तरह कार्य करते रहेंगे। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए केन्द्रीकृत कॉल सेंटर 1912 चौबीसों घंटे चालू रहेगा, जहां उपभोक्ता हिंदी, अंग्रेजी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त बिजली मितान बॉट के माध्यम से व्हाट्सएप नंबर 9425551912 पर भी बिजली आपूर्ति बाधित होने, ट्रांसफार्मर खराबी अथवा अन्य तकनीकी समस्याओं की शिकायत दर्ज की जा सकती है। कंपनी ने यह भी बताया कि उपभोक्ता “मोर बिजली ऐप” के माध्यम से भी अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
कंपनी ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि विद्युत प्रणालियों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें। यदि कहीं विद्युत तार टूटे हुए दिखाई दें, ट्रांसफार्मर से असामान्य आवाज या चिंगारी दिखे अथवा कोई अन्य खतरे की स्थिति उत्पन्न हो, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी विद्युत कार्यालय या कॉल सेंटर में दें।
विद्युत विभाग के अनुसार, होली के दौरान बच्चे अक्सर उत्साह में विद्युत लाइनों की ओर रंग या पानी फेंक देते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इसलिए अभिभावकों से विशेष आग्रह किया गया है कि वे बच्चों पर सतत निगरानी रखें और उन्हें सुरक्षित तरीके से पर्व मनाने के लिए प्रेरित करें।
विद्युत दुर्घटना रोकने के प्रमुख सुझाव
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होलिका दहन विद्युत खम्बों, लाइनों और ट्रांसफार्मरों के पास न करें।
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विद्युत लाइनों या ट्रांसफार्मर पर कोई वस्तु न फेंकें।
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होली खेलते समय बिजली की लाइनों पर रंग या पानी की बौछार न करें।
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किसी भी विद्युत दुर्घटना या असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत निकटस्थ कार्यालय या 1912 कॉल सेंटर पर दें।
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होलिकोत्सव के दौरान बच्चों पर विशेष निगरानी रखें।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले के सभी वितरण केंद्रों एवं उपसंभाग कार्यालयों में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी अलर्ट मोड पर रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। जनसामान्य की सतर्कता और सहयोग से ही होली का पर्व सुरक्षित, शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण रूप से मनाया जा सकेगा।