शिक्षा मंत्री अपनी नाकामी का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ना बंद करें, बच्चों की समस्याओं का समाधान करे सरकार: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने स्कूलों में शिक्षकों, किताबों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर शिक्षा मंत्री और सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि स्कूल खुलने के महीनों बाद भी कई जगह किताबें और शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और शौचालय जैसी सुविधाओं का भी अभाव है। उन्होंने कहा कि अपनी समस्याओं को लेकर बच्चे आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय इसे राजनीतिक आंदोलन बता रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में स्कूलों में शिक्षकों, किताबों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि स्कूल खुले कई महीने बीत जाने के बाद भी यदि बच्चों को किताबें नहीं मिल रही हैं, शिक्षकों के पद खाली हैं, जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत नहीं हो रही है और बालिकाओं के लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तो यह सरकार और शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी है।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार अपनी विफलताओं का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ने के बजाय स्कूलों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करे। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर छोटे बच्चे और किशोर सड़कों पर उतर रहे हैं। उनके अनुसार ये बच्चे किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ का भविष्य हैं। बच्चे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने, किताबें उपलब्ध कराने और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बच्चों की समस्याओं पर ध्यान देने और समाधान करने के बजाय शिक्षा मंत्री उनके आंदोलनों को राजनीतिक बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि स्कूलों में पढ़ाई का वातावरण उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी है। बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित स्कूल भवन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उनके विरोध को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।
सुशील आनंद शुक्ला ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बच्चों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि धमतरी के बारना स्कूल में पांच विषयों के शिक्षक नहीं होने के कारण छात्राओं ने स्कूल में ताला लगाकर विरोध किया। बालोद के झिरिया टोला में भी बच्चों द्वारा शिक्षकों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा चुका है। धमधा में स्कूल भवन की मांग को लेकर बच्चों के विरोध की बात भी उन्होंने कही। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश के कई स्कूलों में शिक्षकों और किताबों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था के साथ अब तक पर्याप्त संख्या में किताबें भी नहीं पहुंचा पाई है। कांग्रेस के अनुसार प्रदेश में 12,560 से अधिक स्कूल भवन जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं। बरसात के दौरान कई स्कूलों की छत से पानी टपकने की समस्या सामने आती है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है और उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं।
कांग्रेस ने स्कूलों में स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विशेष रूप से बालिकाओं के लिए स्कूलों में पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय की सुविधा जरूरी है। इन सुविधाओं के अभाव में छात्राओं की शिक्षा प्रभावित हो सकती है और उन्हें स्कूल छोड़ने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है और स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री से बच्चों की मांगों को गंभीरता से लेने, शिक्षकों की कमी दूर करने, समय पर किताबें उपलब्ध कराने, जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कराने और स्कूलों में पेयजल तथा शौचालय जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग रखते हुए तत्काल समाधान की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।