जीपीएम पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन, वैज्ञानिक जांच को मिलेगी नई मजबूती

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले को लगभग 65 लाख रुपये लागत की अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है। सर्किट हाउस में आयोजित कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

May 24, 2026 - 12:26
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जीपीएम पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन, वैज्ञानिक जांच को मिलेगी नई मजबूती

UNITED NEWS OF ASIA. सत्यम दीक्षित, गौरेला पेंड्रा मरवाही l गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में अपराध अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन को आधुनिक तकनीक से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिले को लगभग 65 लाख रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। आधुनिक उपकरणों और तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित यह वैन अब पुलिस जांच प्रणाली को और अधिक प्रभावी तथा वैज्ञानिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर सर्किट हाउस जीपीएम में विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मोबाइल फॉरेंसिक वैन के तकनीकी उपयोग, इसकी कार्यप्रणाली और वैज्ञानिक अनुसंधान में इसकी उपयोगिता को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को घटनास्थल पर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन, साक्ष्यों के संरक्षण और आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों के उपयोग का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में कलेक्टर Dr. Santosh Devangan, जेएमएफसी पेंड्रारोड सीमा जगदल्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश सहित जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता और राजस्व तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी की उपस्थिति में मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर जिले की सेवा के लिए रवाना किया गया।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी आपराधिक घटना की जांच में घटनास्थल से प्राप्त वैज्ञानिक साक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि घटनास्थल का सूक्ष्म और वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण किया जाए तो अपराधियों तक तेजी और सटीकता से पहुंचा जा सकता है। इसी उद्देश्य से पुलिस बल को आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को फिंगरप्रिंट, जैविक नमूने, रक्त के धब्बे, बाल, फाइबर और डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संग्रहण की प्रक्रिया समझाई गई। इसके अलावा साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला तक सही स्थिति में पहुंचाने की तकनीकी जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि कई बार छोटे-छोटे वैज्ञानिक साक्ष्य भी बड़े अपराधों की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन में अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी मदद से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच और साक्ष्य परीक्षण किया जा सकेगा। इससे जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिलेगी। यह वैन विशेष रूप से हत्या, चोरी, साइबर अपराध और अन्य गंभीर मामलों की जांच में उपयोगी साबित होगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान के बढ़ते उपयोग से अपराध जांच प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन रही है। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन से जिले में होने वाली जांचों की गुणवत्ता में सुधार होगा और मामलों के त्वरित निराकरण में सहायता मिलेगी।

जिले में इस अत्याधुनिक सुविधा के शुरू होने को पुलिस व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। प्रशासन और पुलिस विभाग का मानना है कि इससे अपराध नियंत्रण और वैज्ञानिक जांच प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी तथा आम जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा और अधिक मजबूत होगा।