वन मंत्री केदार कश्यप ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को दिया सामाजिक सुरक्षा का संबल, 5 हितग्राहियों को 10 लाख की सहायता

जगदलपुर के दरभा में आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 5 हितग्राहियों को 2-2 लाख रुपये की दर से कुल 10 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। जनवरी से जून 2026 के दौरान योजना के 1,233 प्रकरणों में 17.90 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की जा रही है। वहीं 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन में 11.40 लाख संग्राहकों को 752.86 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक ऑनलाइन भुगतान किया जा चुका है।

Aug 12, 2026 - 11:39
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वन मंत्री केदार कश्यप ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को दिया सामाजिक सुरक्षा का संबल, 5 हितग्राहियों को 10 लाख की सहायता

UNITED NEWS OF ASIA. जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने दरभा स्थित बस्तर वनमंडल में आयोजित कार्यक्रम में राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत हितग्राहियों को सहायता राशि वितरित की। हरेली बर्ड फेस्टिवल एवं विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान केदार कश्यप ने 5 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 2-2 लाख रुपये की दर से कुल 10 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से मिलने वाला पारिश्रमिक और प्रोत्साहन राशि वनवासी, आदिवासी एवं ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को केवल वन उपज के संग्रहण तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से सुरक्षित बनाना है। उन्होंने कहा कि राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना विपरीत परिस्थितियों में संग्राहक परिवारों को आर्थिक सहारा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

वन मंत्री ने बताया कि जनवरी 2026 से जून 2026 तक इस योजना के अंतर्गत 1,233 प्रकरणों में कुल 17.90 करोड़ रुपये की सहायता राशि का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दरभा में सहायता राशि का वितरण योजना के लाभों को सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

केदार कश्यप ने वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के 11.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 752.86 करोड़ रुपये की संग्रहण पारिश्रमिक राशि का ऑनलाइन भुगतान किया जा चुका है। यह राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में अंतरित की गई है। इससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता बनी है और संग्राहकों को बिना बिचौलिये के उनकी मेहनत का पारिश्रमिक प्राप्त हुआ है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में लाभ अर्जित करने वाली 621 समितियों के लगभग 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को कुल 162.32 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का कार्य भी पूर्णता की ओर है। सरकार का प्रयास है कि संग्राहकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और वन आधारित अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान के साथ मजबूत किया जाए।

केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की वन आधारित अर्थव्यवस्था में तेंदूपत्ता संग्रहण का विशेष महत्व है। प्रदेश के लाखों वनवासी, आदिवासी और ग्रामीण परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता केवल वन उपज नहीं, बल्कि अनेक परिवारों की आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आजीविका, पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा, इन तीनों स्तरों पर तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना इसी व्यापक दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।