पक्की सड़क की मांग पर आदिवासियों पर FIR, माइंस ठेकेदारों के दबाव में पुलिस पर सवाल

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने अंतागढ़–नारायणपुर मार्ग की बदहाली को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने आरोप लगाया कि खराब सड़क के खिलाफ आवाज उठाने वाले स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों और आम आदमी पार्टी नेता नरेंद्र नाग पर FIR दर्ज कर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि रावघाट माइंस और परिवहन संघों के दबाव में पुलिस कार्रवाई की जा रही है। आप ने सड़क की तत्काल मरम्मत और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की मांग की है।

Aug 12, 2026 - 11:33
 0  2
पक्की सड़क की मांग पर आदिवासियों पर FIR, माइंस ठेकेदारों के दबाव में पुलिस पर सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l अंतागढ़ से नारायणपुर को जोड़ने वाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने कहा कि अंतागढ़–नारायणपुर मार्ग लंबे समय से बड़े-बड़े गड्ढों, कीचड़ और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण खराब स्थिति में है। इस सड़क से दर्जनों गांवों के ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, मरीजों और आम नागरिकों का रोजाना आवागमन जुड़ा हुआ है, जिसके कारण सड़क की खराब स्थिति से लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

देवलाल नरेटी ने आरोप लगाया कि स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों ने जब सड़क की बदहाली और भारी वाहनों की आवाजाही के खिलाफ आवाज उठाई तो उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर FIR दर्ज कर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े माइंस ठेकेदारों और संबंधित परिवहन यूनियन के दबाव में पुलिस प्रशासन स्थानीय आदिवासियों तथा आम आदमी पार्टी के नेता नरेंद्र नाग की आवाज दबाने का काम कर रहा है। हालांकि ये आरोप पार्टी की ओर से लगाए गए हैं।

आप नेता ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों का सवाल है कि क्या छत्तीसगढ़ में अब पक्की सड़क की मांग करना भी अपराध हो गया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी अपने बच्चों की सुरक्षा, मरीजों की सुविधा और गांव के बेहतर आवागमन के लिए सड़क की मांग कर रहे हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं को सुनने और सड़क व्यवस्था सुधारने के बजाय FIR के जरिए दबाव बनाने की कार्रवाई उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार लगातार आदिवासी विकास और उनके अधिकारों की बात करती है, लेकिन अंतागढ़–नारायणपुर मार्ग की स्थिति ग्रामीणों की वास्तविक परेशानियों को सामने रखती है। सड़क की बदहाली के कारण स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी होती है और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों के लिए यह सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जीवनरेखा है।

देवलाल नरेटी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सड़क की व्यवस्था सुधारने की मांग करने वाले ग्रामीणों पर FIR दर्ज की जाती है, तो प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या हैं। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति, ठेकेदार या संगठन के दबाव में आम नागरिकों की आवाज नहीं दबाई जानी चाहिए।

आम आदमी पार्टी ने सरकार और पुलिस प्रशासन से अंतागढ़–नारायणपुर मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने तथा FIR से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा की मांग को लेकर ग्रामीणों को भयभीत करने के बजाय प्रशासन को उनके साथ संवाद कर समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।