पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी द्वारा नशा करने के लिए बाजार क्षेत्र के दुकानदारों से जबरन पैसे की मांग की जा रही थी। दुकानदारों द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर आरोपी ने गाली-गलौच करते हुए मारपीट की और पूरे क्षेत्र में दहशत फैलाने का प्रयास किया। इस घटना के बाद व्यापारियों में भय का माहौल बन गया था और स्थानीय नागरिकों द्वारा तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर कमिश्नरेट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना स्तर पर तुरंत अपराध पंजीबद्ध किया गया। थाना थाना सिटी कोतवाली रायपुर में अपराध क्रमांक 68/26 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 119(1), 115(2) एवं 351(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस द्वारा बताया गया कि गिरफ्तार आरोपी पूर्व से गुंडा हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध जिले के विभिन्न थानों में कुल आठ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं। इनमें चार प्रकरण सिटी कोतवाली थाना, दो प्रकरण टिकरापारा थाना, एक प्रकरण तेलीबांधा थाना तथा एक प्रकरण सरस्वती नगर थाना में दर्ज हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण आरोपी पर पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की गुंडागर्दी और जबरन वसूली जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाजार, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विशेष रूप से नशाखोरी, अवैध वसूली, मारपीट एवं आम नागरिकों को भयभीत करने वाले तत्वों पर सख़्त कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा, ताकि आम नागरिक और व्यापारी निर्भीक होकर अपना दैनिक कार्य कर सकें। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या गुंडागर्दी की सूचना मिले, तो तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा जा सके।