नीलामी की चेतावनी के बीच फिर एकजुट हुए किसान, 30 जून को कलेक्टर से करेंगे मुलाकात
धमधा क्षेत्र में आईडीबीआई बैंक की ऋण वसूली और भूमि नीलामी की कार्रवाई के विरोध में किसान एक बार फिर एकजुट हो गए हैं। किसानों ने बैठक कर निर्णय लिया है कि मांगों का समाधान नहीं होने पर 30 जून को बड़ी संख्या में दुर्ग कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखेंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. हेमंत पाल, धमधा l धमधा क्षेत्र में आईडीबीआई बैंक द्वारा की जा रही ऋण वसूली और भूमि नीलामी की कार्रवाई के खिलाफ किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। कर्ज माफी से वंचित किसानों और नीलामी की प्रक्रिया का सामना कर रहे किसानों ने हाल ही में बैठक कर अपनी आगामी रणनीति तय की। किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो 30 जून को बड़ी संख्या में दुर्ग कलेक्टर से मुलाकात कर न्याय की मांग करेंगे।
बैठक में किसानों ने अपनी आर्थिक परेशानियों और खेती-किसानी से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। किसानों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती लागत और कृषि से घटती आय के कारण वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे हालात में बैंक द्वारा ऋण वसूली के लिए भूमि नीलामी जैसी कार्रवाई किए जाने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
किसानों ने आरोप लगाया कि विभिन्न कर्ज माफी योजनाओं की घोषणा के बावजूद कई पात्र किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उनका कहना है कि जिन किसानों को राहत मिलनी चाहिए थी, वे आज भी कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और बैंक की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। किसानों का मानना है कि पहले उन्हें योजनाओं का लाभ दिया जाना चाहिए और उसके बाद ही किसी प्रकार की कठोर वसूली प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
इस बीच प्रशासन की पहल पर एसडीएम धमधा के निर्देशन में बैंक अधिकारियों और किसानों के बीच बैठक प्रस्तावित की गई है। किसानों ने इस बैठक से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि यदि बैठक में ऋण वसूली, कर्ज माफी और भूमि नीलामी से जुड़े मुद्दों का व्यवहारिक समाधान निकलता है तो आंदोलन की दिशा पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
हालांकि किसानों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। किसानों के अनुसार भूमि उनके जीवन और आजीविका का मुख्य आधार है, इसलिए वे अपनी जमीन बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने कहा कि कर्ज माफी से वंचित किसानों के साथ न्याय होना चाहिए और भूमि नीलामी की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इस मुद्दे पर पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
बैठक में किसान बंधु संगठन के अध्यक्ष आत्मा साहू, मोतीराम वर्मा, सुभाष साहू, हेमराम साहू, राजकुमार साहू, पंचराम साहू, तेजराम चंदेल, भुनेश्वर वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक रूप से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।