सीमित संसाधन, बड़ा हौसला — दुर्गूकोंदल के संदीप नेताम ने राष्ट्रीय कराते चैम्पियनशिप में जीता कांस्य पदक
कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल ब्लॉक के युवा खिलाड़ी संदीप नेताम ने दुर्ग में आयोजित संयुक्त भारत ओपन राष्ट्रीय कराते चैम्पियनशिप 2025 में सीनियर वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी मेहनत और लगन ने बस्तर अंचल का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेन्द्र मंडावी, कांकेर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में आयोजित संयुक्त भारत ओपन राष्ट्रीय कराते चैम्पियनशिप 2025 में कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल ब्लॉक के युवा खिलाड़ी संदीप नेताम ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए सीनियर वर्ग में कांस्य पदक जीतकर बस्तर अंचल का मान बढ़ाया है।
यह प्रतियोगिता फोनिक्स शितोरियो कराते संगठन इंडिया के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के कई राज्यों से सैकड़ों खिलाड़ियों ने भाग लिया। संदीप ने कठिन मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर निर्णायकों और दर्शकों का दिल जीत लिया।
सीमित संसाधन, पर अटूट संकल्प
22 वर्षीय संदीप नेताम ग्राम पंचायत बांगाचार के आश्रित ग्राम क्वाचीकटेल के निवासी हैं। बिना किसी पेशेवर कोचिंग और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने अथक परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह सफलता अर्जित की। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुँचना उनके दृढ़ निश्चय का प्रतीक है।
संदीप ने अपनी जीत पर कहा,
“यह पदक मेरे संघर्ष और आत्मविश्वास की जीत है। मैं चाहता हूँ कि मेरे गाँव और जिले के युवा भी खेलों में आगे बढ़ें और बस्तर का नाम पूरे देश में रोशन करें।”
बस्तर की प्रतिभा फिर चमकी
संदीप की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे बस्तर अंचल के लिए गर्व का क्षण है। यह सिद्ध करता है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो संसाधनों की कमी भी बाधा नहीं बनती। उनके प्रदर्शन ने साबित किया कि बस्तर की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
स्थानीय स्तर पर हर्ष की लहर
संदीप की इस जीत से स्थानीय ग्रामीणों, खेल प्रेमियों और शिक्षकों में खुशी की लहर है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। खेल जगत से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संदीप को उचित प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
संदीप की यह सफलता निश्चित रूप से बस्तर और कांकेर के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।