धुरवा समाज का ज्ञापन: BTOA परिवहन संघ की कार्यप्रणाली की जांच होगी, कलेक्टर ने दिया आश्वासन
दंतेवाड़ा में जिला धुरवा समाज ने BTOA परिवहन संघ की कार्यप्रणाली और सदस्यता को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा | दंतेवाड़ा में जिला धुरवा समाज ने BTOA परिवहन संघ की कार्यप्रणाली को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए विभिन्न बिंदुओं पर जांच की मांग की है। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि संघ द्वारा स्थानीय हितों की अनदेखी की जा रही है और कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।
धुरवा समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि 5 मार्च 2026 को दंतेवाड़ा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि जिले में भूमकाल स्मृति दिवस की 116वीं वर्षगांठ बड़े स्तर पर मनाई गई, जिसमें महानायक स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद गुंडाधुर की वीरगाथाओं और उनके योगदान को याद किया गया। इस कार्यक्रम में कटेकल्याण, कुआकोण्डा, गीदम, बारसूर, दंतेवाड़ा और बचेली सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के शामिल होने की योजना थी।
समाज के अनुसार ग्रामीणों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए परिवहन व्यवस्था हेतु BTOA परिवहन संघ से सहयोग मांगा गया था। संघ ने प्रारंभ में सहमति दी थी, लेकिन कार्यक्रम के दिन सहयोग से पीछे हटने का आरोप लगाया गया है, जिससे कार्यक्रम प्रभावित हुआ।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि BTOA संघ जिले में लौह अयस्क परिवहन से अच्छी आय अर्जित करता है, लेकिन स्थानीय रोजगार और सामाजिक सहयोग के मामलों में अपेक्षित भूमिका नहीं निभा रहा है। इसी को लेकर समाज ने कई बिंदुओं पर जांच की मांग की है।
ज्ञापन में संघ की स्थापना से अब तक के आय-व्यय की जांच, बाहरी राज्यों के लोगों को सदस्यता देने की प्रक्रिया की जांच, अन्य जिलों के वाहनों की जांच तथा नई सदस्यता देने के नियमों की समीक्षा की मांग की गई है। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि कई मामलों में ग्राम सभा और स्थानीय समाज को सूचना दिए बिना सदस्यता दी जाती है, जिससे स्थानीय युवाओं में बेरोजगारी बढ़ रही है।
समाज ने यह भी कहा कि दंतेवाड़ा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां पेसा एक्ट लागू है। ऐसे में स्थानीय संस्थाओं में आदिवासी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होना चाहिए, लेकिन BTOA संघ में ऐसा नहीं है, जो नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
इसके अलावा संघ पर आदिवासियों की भूमि पर भवन निर्माण और वन भूमि पर ट्रकों की अवैध पार्किंग कराने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इन सभी मुद्दों पर कार्रवाई की मांग करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
इस संबंध में दंतेवाड़ा कलेक्टर ने धुरवा समाज के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया है कि प्रस्तुत आरोपों और शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।