रायपुर प्रेस क्लब के 'हमर पहुना' में बोले देवकीनंदन ठाकुर, सनातन बोर्ड गठन और धर्माचार्यों के लिए 50 सीटों की पैरवी

रायपुर प्रेस क्लब के "हमर पहुना" कार्यक्रम में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन बोर्ड के गठन, संस्कार आधारित शिक्षा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने संसद और विधानसभाओं में धर्माचार्यों के लिए 50 सीटें आरक्षित करने का सुझाव देते हुए कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए चरित्र, संस्कृति और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देनी होगी।

Jul 13, 2026 - 11:08
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रायपुर प्रेस क्लब के 'हमर पहुना' में बोले देवकीनंदन ठाकुर, सनातन बोर्ड गठन और धर्माचार्यों के लिए 50 सीटों की पैरवी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर प्रेस क्लब के लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम "हमर पहुना" में प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने पत्रकारों से संवाद करते हुए सनातन संस्कृति, शिक्षा, सामाजिक मूल्यों और समसामयिक विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे। कार्यक्रम में प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े सहित प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कथा आयोजक योगेश अग्रवाल और बड़ी संख्या में पत्रकार भी उपस्थित रहे।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को गीता, महाभारत तथा भारतीय परंपरा से जुड़े ग्रंथों का अध्ययन कराया जाना चाहिए ताकि उनमें चरित्र, सत्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों का विकास हो सके। उनके अनुसार शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का आधार भी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती हिंसा, अपराध और पारिवारिक विघटन जैसी घटनाओं को रोकने के लिए संस्कार आधारित शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने परिवारों से बच्चों को भारतीय आदर्शों और प्रेरणादायी चरित्रों से परिचित कराने की अपील की। उनका कहना था कि विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का समावेश भी होना चाहिए।

देवकीनंदन ठाकुर ने देश में सनातन बोर्ड के गठन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि मंदिरों, गुरुकुलों और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक सशक्त व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों की आय का उपयोग धर्म, शिक्षा, आधुनिक गुरुकुल, अस्पताल और समाजहित के कार्यों में किया जाना चाहिए। उन्होंने गौ संरक्षण और भारतीय परंपराओं के संरक्षण को भी महत्वपूर्ण बताया।

राजनीतिक व्यवस्था पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि संसद और विधानसभाओं में धर्माचार्यों के लिए 50 सीटों की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि नीति निर्माण में नैतिकता, आध्यात्मिक दृष्टिकोण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में चरित्र और नैतिकता को सर्वोच्च स्थान मिलना चाहिए।

संवाद के दौरान उन्होंने धर्मांतरण, नशामुक्त जीवन, भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक विषयों पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सत्य, संयम और सदाचार का संदेश देता है तथा युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राम मंदिर से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौन पर अपना व्यक्तिगत मत व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में कोई महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकता है।

कार्यक्रम के अंत में मोहन तिवारी ने कहा कि "हमर पहुना" का उद्देश्य समाज, संस्कृति, साहित्य, शिक्षा और सार्वजनिक जीवन से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्वों को पत्रकारों के साथ संवाद का मंच उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकारों और प्रेस क्लब के सदस्यों ने देवकीनंदन ठाकुर का स्वागत एवं अभिनंदन किया।