बिलासपुर में फिर धर्मांतरण का मामला, प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहा था कन्वर्जन — SECL कर्मचारी हिरासत में

बिलासपुर में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर बवाल मच गया। सरकंडा के बसंत विहार कॉलोनी में एसईसीएल कर्मचारी द्वारा प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने का आरोप लगा। हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस ने कर्मचारी को हिरासत में लिया और जांच शुरू की।

Nov 13, 2025 - 12:42
Nov 13, 2025 - 12:50
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बिलासपुर में फिर धर्मांतरण का मामला, प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहा था कन्वर्जन — SECL कर्मचारी हिरासत में

UNITED NEWS OF ASIA. बिलासपुर | न्यायधानी बिलासपुर में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार देर रात सरकंडा थाना क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी में एक एसईसीएल कर्मचारी के आवास में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण किए जाने का आरोप सामने आया।

जानकारी के अनुसार, एसईसीएल कर्मचारी राजेंद्र खरे के मकान में एक प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी, जिसकी सूचना हिंदू संगठनों को मिली। सूचना मिलते ही संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी।

हिंदू संगठनों का आरोप है कि सभा में हिंदू देवी-देवताओं के बारे में भ्रामक जानकारी दी जा रही थी और लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने सभा का विरोध किया और मकान के बाहर नारेबाजी की।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रार्थना सभा को रुकवाया और वहां से ईसाई धर्म से संबंधित किताबें और प्रचार सामग्री बरामद की है। इसके बाद राजेंद्र खरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

हिंदू संगठनों के नेताओं का कहना है कि बिलासपुर में धर्मांतरण के प्रयासों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वे जहां भी इस तरह की गतिविधियों की जानकारी मिलेगी, वहां विरोध दर्ज कराएंगे।

वहीं, सरकंडा पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस की निगरानी बनी हुई है।