इंडक्शन ट्रेनिंग के तहत डिप्टी कलेक्टर्स ने किया थाना कोतवाली का भ्रमण, पुलिस कार्यप्रणाली की ली जानकारी
छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में आयोजित परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत चयनित डिप्टी कलेक्टर्स ने रायपुर थाना कोतवाली का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें पुलिस प्रशासन, कानून-व्यवस्था, अपराध पंजीयन प्रक्रिया और पुलिस-राजस्व समन्वय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में आयोजित लोक सेवा आयोग से चयनित डिप्टी कलेक्टर्स के परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षणार्थियों ने रायपुर के थाना कोतवाली का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया तथा कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रायपुर कमिश्नरेट Archana Jha ने प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों को पुलिस एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के मध्य समन्वय, एसडीएम के रूप में दायित्व, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन की भूमिका तथा प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। इसी क्रम में थाना भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
थाना कोतवाली भ्रमण के दौरान प्रशिक्षणार्थी डिप्टी कलेक्टर्स Rajeshwar Verma, Nidhi Pradhan, Nandani Sahu, Gaurav Chandel, Ramesh Diwan, Lavkeshwar Yadav तथा Satyendra Kumar Bajaj उपस्थित रहे।
भ्रमण के दौरान एसीपी कोतवाली Deepak Mishra और थाना प्रभारी निरीक्षक Satish Singh Gaharwar ने प्रशिक्षणार्थियों को थाना कोतवाली की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने अपराध पंजीयन प्रक्रिया, रोजनामचा संधारण, बेसिक रजिस्टर, सीसीटीएनएस प्रणाली और पुलिसिंग के दैनिक संचालन की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया।
प्रशिक्षणार्थियों को यह भी बताया गया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही शांति व्यवस्था बनाए रखने, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही और न्यायालयीन प्रक्रियाओं के संबंध में भी जानकारी साझा की गई।
इस दौरान डिप्टी कलेक्टर्स को थाना परिसर की विभिन्न शाखाओं, अभिलेखों और दस्तावेजों का अवलोकन कराया गया। उन्हें विशेष कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कोतवाली न्यायालय का भ्रमण भी कराया गया, जहां न्यायालयीन एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षणार्थियों ने पुलिस प्रशासन और राजस्व प्रशासन के समन्वयात्मक कार्यों को लेकर कई सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक समाधान किया। अधिकारियों ने बताया कि प्रशासनिक सेवा और पुलिस सेवा के बीच बेहतर तालमेल से ही कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से बनाए रखा जा सकता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नवचयनित डिप्टी कलेक्टर्स को प्रशासनिक कार्यों की व्यावहारिक समझ देना और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने की प्रक्रिया से परिचित कराना है। इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से प्रशिक्षणार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलता है।