पालम में 500 किलोवाट सोलर पावर प्लांट का शुभारंभ, 375 घरों को मिलेगी स्वच्छ बिजली

दिल्ली के पालम विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 500 किलोवाट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन किया। इस परियोजना से लगभग 375 घरों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट से बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

Jul 5, 2026 - 12:33
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पालम में 500 किलोवाट सोलर पावर प्लांट का शुभारंभ, 375 घरों को मिलेगी स्वच्छ बिजली

UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली सरकार ने राजधानी में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पालम विधानसभा क्षेत्र में 500 किलोवाट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने द्वारका सेक्टर-7 स्थित एयर फोर्स एवं नेवल ऑफिसर्स एन्क्लेव में इस परियोजना का उद्घाटन किया। इस सौर ऊर्जा संयंत्र से लगभग 375 घरों को स्वच्छ और नवीकरणीय बिजली उपलब्ध होगी।

उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है और दिल्ली सरकार भी ऊर्जा आत्मनिर्भरता, स्वच्छ ऊर्जा तथा पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में सौर ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और दिल्ली सरकार की संयुक्त योजनाओं के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए एक लाख रुपये से अधिक तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने लोगों से भी स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे बिजली खर्च कम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा।

करीब दो करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस सोलर पावर प्लांट को केंद्र सरकार से लगभग 90 लाख रुपये तथा दिल्ली सरकार से 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। परियोजना के शुरू होने के बाद एन्क्लेव का मासिक बिजली बिल लगभग 12 लाख रुपये से घटकर करीब 6 लाख रुपये रह जाएगा। इससे प्रतिवर्ष लगभग 72 लाख रुपये की बचत होने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामुदायिक भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मॉडल से प्रेरित होकर दिल्ली की अन्य आवासीय सोसायटियां, संस्थान और संगठन भी सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अपनाने के लिए आगे आएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी में इस तरह की परियोजनाओं के विस्तार से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी, कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में अधिक से अधिक सरकारी भवनों और आवासीय परिसरों में सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं का विस्तार करना है।