खुले में पड़ा लाखों क्विंटल धान, किसानों की मेहनत और सरकारी प्रबंधन पर कांग्रेस के सवाल
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने प्रदेश में खुले में पड़े लाखों क्विंटल धान को लेकर राज्य सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि धान के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था नहीं होने से किसानों की उपज और सरकारी संसाधनों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने राज्य में बड़ी मात्रा में खुले में रखे गए धान को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए लाखों क्विंटल धान के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था नहीं होने के कारण अनाज खराब होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में धान अब भी खुले स्थानों पर रखा हुआ है। बारिश और मौसम में बदलाव के कारण धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। उनका कहना है कि यह स्थिति धान खरीदी और भंडारण प्रबंधन में गंभीर खामियों को दर्शाती है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि किसानों से रिकॉर्ड स्तर पर धान खरीदी के दावे किए गए, लेकिन खरीदे गए धान के सुरक्षित संरक्षण के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की गई। पार्टी का कहना है कि धान केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत, समय और आर्थिक संसाधनों का परिणाम है। ऐसे में उसके सुरक्षित रखरखाव की जिम्मेदारी सरकार की होती है।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में धान खुले में पड़ा हुआ है, जिससे बारिश और नमी के कारण नुकसान की संभावना बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित भंडारण और परिवहन की व्यवस्था नहीं की गई तो इससे किसानों के हितों के साथ-साथ सरकारी संसाधनों को भी नुकसान हो सकता है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि खरीदे गए धान के भंडारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई। पार्टी का कहना है कि धान खरीदी के बाद उसकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करना भी शासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। केवल खरीद प्रक्रिया पूरी कर लेना पर्याप्त नहीं माना जा सकता।
पार्टी ने यह भी कहा कि धान के भंडारण और निपटान की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए गोदाम क्षमता बढ़ाने, आधुनिक भंडारण सुविधाओं का विस्तार करने और समयबद्ध परिवहन व्यवस्था लागू करने की जरूरत बताई गई है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि धान खराब होता है तो इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और किसानों दोनों को नुकसान होगा। इसलिए सरकार को तत्काल प्रभाव से स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए। पार्टी ने मांग की कि धान के सुरक्षित भंडारण, परिवहन और वितरण की व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए।
कांग्रेस ने कहा कि अन्नदाता की मेहनत का सम्मान तभी संभव है जब उसकी उपज को सुरक्षित रखा जाए और उसे उचित प्रबंधन का लाभ मिले। पार्टी ने सरकार से किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान भंडारण से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया है।