नालंदा लाइब्रेरी के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने भवन के स्ट्रक्चर डिजाइन, एलिवेशन और निर्माण की वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से स्लैब की तैयारी, निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की संख्या और अब तक हुई प्रगति के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि नालंदा लाइब्रेरी में कुल 250 सीटों की व्यवस्था प्रस्तावित है, जिसमें निचले तल पर 100 और ऊपरी तल पर 150 सीटें होंगी।
कलेक्टर ने भवन की छत के स्लोप पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान पानी छत पर जमा न हो और भवन की मजबूती एवं सुरक्षा बनी रहे। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के साथ विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भवन में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने नालंदा लाइब्रेरी में डिजिटल लाइब्रेरी की संभावनाओं पर भी आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए आधुनिक संसाधन उपलब्ध हो सकें।
इसके बाद कलेक्टर ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन के डिजाइन और एलिवेशन का अवलोकन करते हुए प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तावित संरचना और निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और वर्तमान प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज परिसर में बेहतर वातावरण और हरियाली विकसित करने के लिए फलदार पौधे लगाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़े शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों में सुविधाओं के साथ स्वच्छ और बेहतर वातावरण भी आवश्यक है। इसके लिए परिसर के विकास की योजना में हरियाली को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कलेक्टर ने ऊर्जा पार्क में बच्चों के लिए बनाए जा रहे साइंस पार्क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई और आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
साइंस पार्क में बच्चों को विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों को सरल, रोचक और व्यावहारिक तरीके से समझाने के उद्देश्य से विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों की स्थापना की जा रही है। कलेक्टर ने पार्क के निर्माण और शेष व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्य लगभग एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम चेतन साहू, तहसीलदार परमेश्वर मंडावी, सीएमओ सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता के साथ समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।