महिलाओं की सुरक्षा पर कांग्रेस का सवाल, भैरमगढ़ घटना को लेकर सरकार पर निशाना
छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने भैरमगढ़ की घटना को लेकर चिंता जताते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है।
फूलोदेवी नेताम ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हर घंटे 51 अत्याचार की शिकायतें दर्ज हो रही हैं, जिनमें से लगभग 45 प्रतिशत मामले अपहरण, हमले और दुष्कर्म से जुड़े हैं। यह स्थिति कानून व्यवस्था के कमजोर होने का संकेत है।
उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर “डबल इंजन” सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर प्रति लाख आबादी पर 60.3 है, जो राष्ट्रीय औसत 57.2 से अधिक है।
सांसद नेताम ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार वर्ष 2023 से फरवरी 2026 तक प्रदेश में कुल 2455 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 41 प्रतिशत मामले दुष्कर्म से संबंधित हैं। उन्होंने इसे बेहद गंभीर स्थिति बताया।
बीजापुर जिले के भैरमगढ़ में नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे आदिवासी समाज और देश की आधी आबादी को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए शर्मनाक हैं और इससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि एक ओर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को न्याय नहीं मिलेगा, तो समाज में असंतोष और विरोध बढ़ेगा।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं पर रोक नहीं लगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
पार्टी ने सरकार से मांग की है कि कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाए, महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि केवल नारों से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाना होगा।