छत्तीसगढ़ में पोषण माह 2026 की तैयारियों की समीक्षा, अंतरविभागीय समन्वय से होंगे जागरूकता और जनभागीदारी के कार्यक्रम

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के सफल आयोजन को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक आयोजित की। बैठक में पोषण जागरूकता, आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका, सामुदायिक सहभागिता, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य और डिजिटल मॉनिटरिंग सहित विभिन्न गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा की गई।

Sep 2, 2026 - 20:23
Sep 2, 2026 - 20:40
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छत्तीसगढ़ में पोषण माह 2026 की तैयारियों की समीक्षा, अंतरविभागीय समन्वय से होंगे जागरूकता और जनभागीदारी के कार्यक्रम

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर l छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के प्रभावी और सफल आयोजन को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग ने राज्य स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में 2 सितंबर 2026 को संचालनालय, महिला एवं बाल विकास विभाग में अंतरविभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों और सहयोगी संस्थाओं के अधिकारियों ने हिस्सा लिया तथा पूरे प्रदेश में पोषण माह के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों की रूपरेखा, विभागीय समन्वय और मैदानी स्तर पर कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में जनभागीदारी के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष पोषण माह का मुख्य विषय “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” रखा गया है। अभियान का उद्देश्य बच्चों, महिलाओं, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं तथा किशोरियों के पोषण स्तर में सुधार करना है। इसके साथ ही समुदाय में संतुलित एवं स्वस्थ खान-पान की आदतों और बेहतर पोषण व्यवहार को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

पोषण माह के दौरान आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन के सेवन को लेकर जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। आंगनवाड़ी केंद्रों में ताजा एवं गरम पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने, समुदाय की भागीदारी बढ़ाने तथा बच्चों के समग्र विकास के लिए पोषण और प्रारंभिक उद्दीपन से संबंधित गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से उपलब्ध नकद अंतरण की जानकारी भी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

बैठक में अधिकारियों ने कहा कि पोषण से जुड़ी योजनाओं और गतिविधियों को अलग-अलग संचालित करने के बजाय उन्हें आपस में जोड़कर प्रभावी अंतरविभागीय समन्वय के साथ आगे बढ़ाया जाना जरूरी है। आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायतों, विद्यालयों और समुदाय के माध्यम से पोषण संबंधी संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। उद्देश्य यह है कि पोषण से जुड़े प्रयास केवल विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।

राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान समुदाय आधारित गतिविधियों के साथ पोषण जागरूकता और डिजिटल मॉनिटरिंग को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा। पोषण ट्रैकर के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों के विभिन्न पोषण संकेतकों की डिजिटल निगरानी की व्यवस्था की गई है, जिससे कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और प्रगति पर नजर रखने में सहायता मिलेगी।

बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, उद्यानिकी, नगरीय प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण, स्कूल शिक्षा, जनसंपर्क, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, अनुसूचित जाति विकास, आदिम जाति कल्याण, कौशल विकास, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी विभागों से अपने स्तर पर नोडल अधिकारी नामांकित करने और गतिविधियों के संचालन में आपसी समन्वय बनाए रखने को कहा गया, ताकि पोषण माह के सभी कार्यक्रम निर्धारित समयसीमा में प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।