वर्ष 2016 से 2023 तथा वर्ष 2024 से 2026 तक कबीरधाम जिले को कुल 1,00,091 आवासों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ। इसके विरुद्ध 99,790 आवास स्वीकृत किए गए हैं। स्वीकृत आवासों में से अब तक 86,477 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन आवासों में ग्रामीण परिवार गृह प्रवेश कर अपने पक्के घर में सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जिले में स्वीकृत आवासों में लगभग 87 प्रतिशत निर्माण पूरा होने की जानकारी दी गई है, जबकि राज्य का औसत लगभग 84 प्रतिशत बताया गया है।
वर्ष 2016 से 2023 के दौरान जिले को 48,656 आवासों का लक्ष्य मिला था और इतने ही आवास स्वीकृत किए गए। इनमें 48,634 हितग्राहियों को पहली किश्त, 48,061 को दूसरी किश्त और 47,550 हितग्राहियों को तीसरी किश्त की राशि प्राप्त हुई। इस अवधि में 47,164 आवास पूर्ण कराए गए। वहीं वर्ष 2024 से 2026 के दौरान 51,435 आवासों का लक्ष्य मिला, जिसके विरुद्ध 51,134 आवास स्वीकृत हुए। इस अवधि में 50,849 हितग्राहियों को पहली, 47,206 को दूसरी और 37,496 हितग्राहियों को तीसरी किश्त जारी की जा चुकी है। अब तक 39,313 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
आवास निर्माण में तेजी लाने के लिए जिला स्तर पर नियमित समीक्षा और जनपद पंचायतवार प्रगति की निगरानी की जा रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक और आवास मित्र हितग्राहियों को निर्माण के प्रत्येक चरण में आवश्यक मार्गदर्शन दे रहे हैं। किश्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने और उसके बाद निर्माण में अनावश्यक देरी रोकने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ केवल पक्के मकान तक सीमित नहीं है। योजना के साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का अभिसरण कर हितग्राहियों को अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। आवास निर्माण में ग्रामीण परिवारों की भागीदारी के साथ उन्हें विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन-ग्रामीण के तहत 90 दिनों के रोजगार का अवसर भी मिल रहा है। इसके अलावा शौचालय, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, नल-जल योजना के माध्यम से पेयजल, बिजली सुविधा, आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड जैसी सुविधाओं से परिवारों को जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है।
पक्का घर मिलने से ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित रहने का स्थान मिलने के साथ बच्चों के लिए बेहतर वातावरण और महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित माहौल उपलब्ध हुआ है। कबीरधाम जिले में योजना के तहत पूर्ण हो रहे आवास ग्रामीण परिवारों के सपनों को आकार देने के साथ सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम बन रहे हैं। यह उपलब्धि ग्रामीण विकास, जनभागीदारी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम के रूप में सामने आई है।