शराब के दाम बढ़ाने और प्लास्टिक बोतल में बिक्री पर कांग्रेस का हमला, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शराब की कीमत बढ़ाने और प्लास्टिक बोतलों में शराब बेचने के फैसले का विरोध किया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर शराब से मुनाफा कमाने और जनता को लूटने का आरोप लगाया।
UNITED NEWS OF ASIA . अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब नीति को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार के उस फैसले का कड़ा विरोध किया है, जिसमें शराब की कीमतें बढ़ाने और प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेचने की बात सामने आई है। कांग्रेस ने इस फैसले को जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि शराब के दाम बढ़ाना और प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेचना पूरी तरह से गलत निर्णय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शराब से अधिक से अधिक मुनाफा कमाने में लगी हुई है और इसके लिए जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा ने पहले लोगों को शराब की लत लगाने का माहौल बनाया, शराब की खपत बढ़ाई और अब जब लोग उस पर निर्भर हो गए हैं, तो कीमतें बढ़ाकर उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले पांच वर्षों तक शराबबंदी का वादा किया, लेकिन सत्ता में आने के बाद उसका रुख पूरी तरह बदल गया है।
उन्होंने प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेचने के निर्णय को भी खतरनाक बताया। उनका कहना है कि प्लास्टिक का स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने इस फैसले को जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया।
कांग्रेस ने भाजपा सरकार से कई सवाल भी किए हैं। उन्होंने पूछा कि राज्य में शराबबंदी कब लागू होगी, जबकि भाजपा लंबे समय से इसका वादा करती रही है। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया कि शराब दुकानों के पास एयर कूल्ड अहाते क्यों खोले जा रहे हैं और ढाबों व रेस्टोरेंट में शराब बिक्री की अनुमति क्यों दी जा रही है।
कांग्रेस ने यह भी चिंता जताई कि जहां बार में 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहता है, वहीं ढाबों और रेस्टोरेंट में परिवार और बच्चे भी जाते हैं। ऐसे में वहां शराब की बिक्री से सामाजिक और नैतिक प्रभाव पड़ सकते हैं।
इसके अलावा कांग्रेस ने सरकार द्वारा बनाए गए “मनपसंद ऐप” पर भी सवाल उठाया और इसे शराब की बिक्री बढ़ाने का माध्यम बताया। पार्टी का आरोप है कि सरकार लगातार शराब नीति में बदलाव कर रही है, लेकिन अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगाने में असफल रही है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब दुकानों की संख्या बढ़ाई जा रही है और कंपोजिट दुकानों के नाम पर संख्या दोगुनी की जा रही है। साथ ही नई दुकानों के खुलने और पुरानी दुकानों के विस्तार पर भी सवाल उठाए गए हैं।
कुल मिलाकर, कांग्रेस ने भाजपा सरकार की शराब नीति को जनविरोधी करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस दिशा में सुधार नहीं किया, तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करेगी।