धमतरी पुलिस का सघन यातायात अभियान, यात्री बसों की सुरक्षा उपकरणों की गहन जांच
धमतरी पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शहर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर संचालित यात्री बसों की सघन जांच की। इस दौरान सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन द्वार और अग्निशमन यंत्रों की स्थिति की बारीकी से जांच की गई। बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने और आकस्मिक स्थिति में तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. धमतरी। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धमतरी पुलिस ने मंगलवार को शहर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर संचालित यात्री बसों एवं अन्य सार्वजनिक वाहनों की सघन जांच अभियान चलाया। यह कार्रवाई एसपी धमतरी के निर्देशन में डीएसपी (ट्रैफिक) और ट्रैफिक इंचार्ज के नेतृत्व में की गई।
इस अभियान के दौरान यातायात पुलिस अधिकारियों ने सभी यात्री वाहनों में लगे सुरक्षा उपकरणों की बारीकी से जांच की, जिसमें प्राथमिक उपचार पेटी (First Aid Box), अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) तथा आपातकालीन द्वार (Emergency Exit) की स्थिति का विशेष परीक्षण शामिल था। पुलिस टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रत्येक बस में पैनिक बटन, सुरक्षा हथौड़ी और लोहे की रॉड जैसे आपातकालीन उपकरण उपलब्ध हों ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।
बस संचालकों और चालकों को दिए गए निर्देशों में कहा गया है कि —
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प्रत्येक बस में कम से कम दो अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखे जाएं।
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किसी भी यात्री वाहन में ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल, डीजल, पटाखे या एलपीजी सिलेंडर का परिवहन न किया जाए।
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बसों के आपातकालीन द्वार हमेशा कार्यशील स्थिति में रहें और समय-समय पर उनकी जांच की जाए।
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यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा वाहन चालकों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
अभियान के दौरान पुलिस ने चालकों और परिचालकों को सुरक्षा मानकों के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। उन्हें बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत डायल 100, 112 या 108 पर सूचना दी जाए ताकि त्वरित सहायता पहुंच सके।
यातायात पुलिस धमतरी ने कहा कि —
“हमारा उद्देश्य सुरक्षित यात्रा और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करना है। प्रत्येक बस संचालक को यह समझना होगा कि सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि यात्रियों के जीवन से जुड़ी जिम्मेदारी है।”
धमतरी पुलिस की इस पहल को नागरिकों और यात्रियों द्वारा सराहा गया है। इससे न केवल सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों के पालन को भी नया प्रोत्साहन मिला है।