जामुल थाना द्वारा महिला कमांडो का गठन, खेदामारा में महिलाओं को मिला आत्मबल, 10 माह से राशि नहीं मिलने पर सरपंच नाराज़

जामुल थाना द्वारा खेदामारा गांव में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महिला कमांडो दल का गठन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने जागरूकता विषयों पर चर्चा की, वहीं सरपंच ने 10 माह से विकास राशि नहीं मिलने पर नाराज़गी जताई।

Jan 14, 2026 - 13:56
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जामुल थाना द्वारा महिला कमांडो का गठन, खेदामारा में महिलाओं को मिला आत्मबल, 10 माह से राशि नहीं मिलने पर सरपंच नाराज़

UNITED NEWS OF ASIA. भुवाल रोहितास,दुर्ग खेदामारा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा, जागरूकता एवं सशक्तिकरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जामुल थाना द्वारा खेदामारा गांव में महिला कमांडो दल का गठन किया गया। ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं। इस पहल से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और गांव स्तर पर सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत हुई है।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपनी दैनिक समस्याओं और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर विचार रखे। विशेष रूप से शिक्षा, स्वच्छता, नशामुक्ति, घरेलू हिंसा, राशन वितरण व्यवस्था एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। जामुल थाना की पुलिस टीम ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, महिला सुरक्षा कानूनों और आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसी भी प्रकार की समस्या में महिलाओं को त्वरित सहयोग प्रदान किया जाएगा।

महिला कमांडो दल के गठन को गांव की महिलाओं ने सकारात्मक पहल बताया। महिलाओं का कहना था कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से वे न केवल जागरूक होंगी बल्कि अपने अधिकारों के प्रति भी सजग रहेंगी और आवश्यकता पड़ने पर एक-दूसरे की मदद कर सकेंगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्राम पंचायत सरपंच ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता के बिना गांव का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने महिला कमांडो गठन को सराहनीय कदम बताते हुए पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। हालांकि इसी मंच से सरपंच ने गंभीर नाराज़गी भी जाहिर की।

सरपंच ने बताया कि खेदामारा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों को पिछले लगभग 10 महीनों से शासन की ओर से विकास कार्यों के लिए राशि प्राप्त नहीं हुई है। इस कारण पंचायत के अधिकांश कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं। सड़क निर्माण, नाली, स्वच्छता, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रही है, जो ग्रामीण विकास के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों और महिला कमांडो दल के सदस्यों ने शासन से शीघ्र विकास राशि जारी करने की मांग की, ताकि गांवों में रुके हुए विकास कार्यों को फिर से गति मिल सके।