राष्ट्रीय युवा दिवस पर बेमेतरा के डॉ. पीयूष जायसवाल को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान, मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
राष्ट्रीय युवा दिवस पर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बेमेतरा जिले के युवा वैज्ञानिक डॉ. पीयूष जायसवाल को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित भव्य राज्य स्तरीय समारोह में बेमेतरा जिले के होनहार युवा वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं एस्ट्रोफिजिक्स के क्षेत्र में सबसे कम उम्र के पीएचडी धारक डॉ. पीयूष जायसवाल को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव के करकमलों से प्रदान किया गया।
डॉ. पीयूष जायसवाल ने कम उम्र में विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल कर न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। वे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक एवं स्वर्ण पदक विजेता हैं। इससे पूर्व उन्हें भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय, सीबीएसई सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। नई दिल्ली स्थित तीन मूर्ति भवन, प्रधानमंत्री संग्रहालय सभागार में उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाल श्रेष्ठ पुरस्कार, स्वर्ण पदक, मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया था।
1016 युवाओं को पीछे छोड़कर हासिल किया सम्मान
छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2025 से प्रारंभ किए गए छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान हेतु प्रदेशभर से 1016 युवाओं ने आवेदन किया था। कठोर चयन प्रक्रिया के पश्चात डॉ. पीयूष जायसवाल को सर्वश्रेष्ठ स्थान प्रदान करते हुए इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित किया गया। यह उपलब्धि बेमेतरा जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।
कम उम्र में पीएचडी, एस्ट्रोफिजिक्स में दो पुस्तकें
डॉ. पीयूष जायसवाल के पिता पी. एल. जायसवाल डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जांता में प्राचार्य के पद पर पदस्थ हैं, जबकि माता शिक्षा क्षेत्र में सेवाएं दे रही हैं। प्रारंभिक शिक्षा डीएवी से प्राप्त करने वाले डॉ. पीयूष बचपन से ही वैज्ञानिक सोच, अनुशासन और नवाचार में रुचि रखते रहे हैं। मात्र 12 वर्ष की आयु में पीएचडी प्राप्त कर उन्होंने इतिहास रच दिया। वे एस्ट्रोफिजिक्स विषय पर दो पुस्तकें लिख चुके हैं और अल्बर्ट आइंस्टीन से जुड़े विश्व रिकॉर्ड को तोड़कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान बना चुके हैं।
बहन साक्षी जायसवाल भी बनी प्रेरणा
डॉ. पीयूष की बहन साक्षी जायसवाल भी विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। वे छत्तीसगढ़ से यंग साइंटिस्ट इंडिया अवॉर्ड प्राप्त करने वाली पहली बालिका हैं और कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री का प्रेरणादायक संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. पीयूष जायसवाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली युवा ही प्रदेश और देश का भविष्य गढ़ते हैं। उन्होंने युवाओं से उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। सम्मान के अंतर्गत डॉ. पीयूष जायसवाल को प्रमाण पत्र, मोमेंटो, शॉल एवं 2.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
डॉ. पीयूष जायसवाल की इस उपलब्धि पर जिले में हर्ष का माहौल है और उन्हें चारों ओर से बधाइयाँ मिल रही हैं।