धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर डॉ. चरणदास महंत का बयान, बोले- छात्रों के संघर्ष और न्याय की हुई जीत

केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इसे देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने पेपर लीक मामलों पर केंद्र सरकार को घेरते हुए पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने, छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और प्रधानमंत्री से प्रभावित छात्रों से माफी मांगने की मांग की।

Jul 26, 2026 - 10:47
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर डॉ. चरणदास महंत का बयान, बोले- छात्रों के संघर्ष और न्याय की हुई जीत

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के संघर्ष की महत्वपूर्ण जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन विद्यार्थियों की आवाज का परिणाम है, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और न्याय की मांग को लेकर लगातार संघर्ष किया। उनके अनुसार यह केवल एक व्यक्ति का इस्तीफा नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों और न्याय की मांग की स्वीकार्यता का प्रतीक है।

प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि देश का युवा जब अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता है, तो अंततः सरकारों को उसकी बात सुननी पड़ती है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आए पेपर लीक मामलों ने उन विद्यार्थियों के साथ अन्याय किया है, जिन्होंने वर्षों तक कठिन परिश्रम कर परीक्षाओं की तैयारी की। उनके अनुसार छात्रों की मेहनत, समय और उनके परिवारों की उम्मीदों को बार-बार झटका लगा, जिससे युवाओं में निराशा और असंतोष बढ़ा।

डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शिक्षा प्रणाली की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि परीक्षा प्रक्रिया पर ही प्रश्नचिह्न लग जाए तो प्रतिभाशाली छात्रों का मनोबल कमजोर होता है और योग्य अभ्यर्थियों का विश्वास व्यवस्था से उठने लगता है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी और स्थायी कदम उठाए।

नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि केंद्र सरकार भविष्य में सभी प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं के लिए ऐसी मजबूत एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करे, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं की कोई संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन में आधुनिक तकनीक, कड़ी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।

प्रेस विज्ञप्ति में डॉ. चरणदास महंत ने यह भी कहा कि जिन छात्रों ने अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया, उनके साथ कथित रूप से हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में किसी अधिकारी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है। यदि छात्र अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाते हैं, तो उनकी बात सुनना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की कठोरता लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।

डॉ. चरणदास महंत ने यह भी मांग की कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण जिन लाखों युवाओं को मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, उस पर केंद्र सरकार गंभीरता से विचार करे। उन्होंने कहा कि प्रभावित छात्रों का समय, मेहनत और संसाधन दोबारा वापस नहीं लाए जा सकते, इसलिए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि परीक्षा प्रणाली में आई गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उनसे संवाद करें। उनका कहना था कि युवाओं का विश्वास बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारत का भविष्य उसके युवा हैं और यदि उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ होता है तो विपक्ष इस मुद्दे को मजबूती से उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को आगे भी प्रमुखता से उठाएगी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर हैं। यह देश के भविष्य से जुड़ा विषय है और सभी पक्षों को मिलकर ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, जिससे मेहनती और योग्य विद्यार्थियों को बिना किसी बाधा के समान अवसर प्राप्त हो सके।

डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि युवाओं का विश्वास जीतने के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं होंगी, बल्कि परीक्षा प्रणाली में वास्तविक सुधार, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करेगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत हो और विद्यार्थियों को अपनी मेहनत का उचित परिणाम मिल सके।

उन्होंने अंत में कहा कि कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज आगे भी उठाती रहेगी। उनके अनुसार देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना प्रत्येक सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाना समय की आवश्यकता है।