कारगिल वीर शहीद कौशल यादव की प्रतिमा का लोकार्पण, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर में 'शहीद गैलरी' बनाने का दिया प्रस्ताव
रायपुर में कारगिल युद्ध के वीर शहीद कौशल यादव की प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीद पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। उन्होंने रायपुर में सभी वीर सैनिकों की स्मृतियों को संजोने के लिए एक "शहीद गैलरी" विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले छत्तीसगढ़ के वीर शहीद कौशल यादव की स्मृति में शनिवार को राजधानी रायपुर के आकाशवाणी तिराहे पर उनकी प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। शहीद दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में कारगिल के वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को याद किया गया।
कार्यक्रम में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शहीद कौशल यादव को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने केवल किसी एक समाज या प्रदेश का नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिक सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे और उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान शहीद कौशल यादव ने असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनका सर्वोच्च बलिदान भारतीय सेना के शौर्य और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे वीर सपूतों के कारण ही देश सुरक्षित है और प्रत्येक नागरिक सम्मान और स्वतंत्रता के साथ जीवन जी पा रहा है।
उन्होंने शहीद कौशल यादव के माता-पिता और परिवारजनों को नमन करते हुए कहा कि ऐसे वीर पुत्र को जन्म देने वाला परिवार पूरे राष्ट्र के सम्मान का अधिकारी है। उन्होंने कहा कि शहीद किसी एक परिवार, समाज या जाति तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। उनका सम्मान करना और उनके बलिदान की गाथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
अपने संबोधन के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर शहर में सभी वीर सैनिकों और शहीदों की स्मृतियों को एक स्थान पर संरक्षित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि राजधानी में एक "शहीद गैलरी" का निर्माण किया जाए, जहां प्रदेश के सभी वीर शहीदों की प्रतिमाएं और उनके जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी एक साथ प्रदर्शित की जाए।
उन्होंने प्रस्ताव रखा कि काली मंदिर के समीप लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग की दीवार के पास उपलब्ध स्थान पर इस शहीद गैलरी का निर्माण किया जा सकता है। उनके अनुसार यदि विभिन्न स्थानों पर स्थापित शहीदों की प्रतिमाओं को एक ही परिसर में सम्मानपूर्वक व्यवस्थित किया जाए तो यह स्थान राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायी केंद्र बन सकता है।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार की शहीद गैलरी केवल स्मारक नहीं होगी, बल्कि यह बच्चों और युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा स्थल बनेगी। यहां आने वाले लोग देश के वीर सैनिकों के त्याग, पराक्रम और राष्ट्रसेवा की भावना को निकट से जान सकेंगे। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के वीरों के इतिहास से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सैनिकों का सम्मान करते हुए सांसद ने कहा कि भारतीय सेना के जवान हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। उनका साहस, अनुशासन और समर्पण प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि आज देश का प्रत्येक नागरिक जिस सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर रहा है, उसके पीछे भारतीय सेना के जवानों का अथक परिश्रम और बलिदान है।
उन्होंने युवाओं से भारतीय सेना में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा से बड़ा कोई कर्तव्य नहीं हो सकता। सेना में सेवा करना केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि देश के प्रति सर्वोच्च समर्पण का अवसर है। उन्होंने कहा कि युवाओं को शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि शहीद कौशल यादव की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का स्थायी प्रतीक है। यह प्रतिमा हर नागरिक को यह संदेश देती रहेगी कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों का सम्मान सदैव सर्वोपरि होना चाहिए।
उन्होंने शहीद कौशल यादव के नाम पर चौक निर्माण और प्रतिमा स्थापना के लिए यादव समाज, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा इस अभियान में सहयोग देने वाले सभी नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं और युवाओं को देश के प्रति अपने दायित्वों का एहसास कराते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने शहीद कौशल यादव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वातावरण "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "अमर रहे" के नारों से गूंज उठा। पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने भी कारगिल के वीरों के योगदान को याद करते हुए देश की एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, जोन अध्यक्ष अंबर अग्रवाल, मुरली शर्मा, पार्षद अमर गिदवानी, पूर्व सैनिक तथा अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने शहीद कौशल यादव के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र उनके त्याग का सदैव ऋणी रहेगा।
रायपुर में आयोजित यह श्रद्धांजलि समारोह केवल एक प्रतिमा लोकार्पण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि राष्ट्रभक्ति, वीरता और बलिदान के मूल्यों को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर भी बना। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों की स्मृतियों को संजोना और नई पीढ़ी तक उनकी गाथाएं पहुंचाना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। शहीद कौशल यादव का अदम्य साहस और बलिदान आने वाले समय में भी देशवासियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा।