धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आप का बयान, उत्तम जायसवाल बोले- युवाओं के दबाव के आगे झुकी मोदी सरकार

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं के आंदोलन और जनदबाव की जीत बताया। उन्होंने कहा कि देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार को यह फैसला लेना पड़ा और अब युवाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

Jul 26, 2026 - 10:51
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आप का बयान, उत्तम जायसवाल बोले- युवाओं के दबाव के आगे झुकी मोदी सरकार

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आम आदमी पार्टी (आप) छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह निर्णय नैतिक आधार पर नहीं, बल्कि देशभर में युवाओं के बढ़ते विरोध और जनदबाव का परिणाम है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि जनता की आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता।

प्रेस विज्ञप्ति में उत्तम जायसवाल ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देश के कई बड़े शहरों तक छात्रों और युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किए। उनके अनुसार इन आंदोलनों ने केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बनाया, जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना पड़ा।

उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस और आरएएफ के नाम पर लाठीचार्ज किया गया, जिससे छात्रों और युवाओं में आक्रोश और बढ़ गया। उनके अनुसार इस घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन और तेज हुए तथा सरकार पर कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ता गया।

उत्तम जायसवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने शुरुआत से ही इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और संगठन के नेताओं ने विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। उनका कहना है कि लगातार उठती मांगों और जनदबाव के चलते सरकार को अंततः निर्णय लेना पड़ा।

उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है। जब युवा अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाते हैं, तो सरकारों को उनकी बात सुननी पड़ती है। उनके अनुसार यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं है, बल्कि युवाओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत का प्रतीक है।

आप नेता ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह केवल इस्तीफे तक सीमित न रहे, बल्कि युवाओं की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों, इसके लिए परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

उत्तम जायसवाल ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। सरकार को ऐसी नीतियां अपनानी चाहिए, जिनसे विद्यार्थियों का विश्वास शिक्षा व्यवस्था पर मजबूत हो और उन्हें निष्पक्ष अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है।