बोड़ला में 101 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी, हाई-रिस्क गर्भावस्था की समय पर हुई पहचान

कवर्धा जिले के बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में वनांचल क्षेत्र की 101 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी और स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर में हाई-रिस्क गर्भावस्था की पहचान कर महिलाओं को आवश्यक उपचार, दवाइयां और सुरक्षित मातृत्व संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया गया।

Jul 5, 2026 - 17:02
 0  2
बोड़ला में 101 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी, हाई-रिस्क गर्भावस्था की समय पर हुई पहचान

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कवर्धा जिले के वनांचल क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में विशेष निःशुल्क सोनोग्राफी एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 101 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी, स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। इस दौरान हाई-रिस्क गर्भावस्था के मामलों की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार और सुरक्षित प्रसव के लिए विशेष मार्गदर्शन भी दिया गया।

यह शिविर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है।

शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, एनीमिया से बचाव, नियमित प्रसव पूर्व जांच तथा संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं को आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार चिकित्सकीय सलाह भी दी गई। जिन महिलाओं में जटिल गर्भावस्था के संकेत मिले, उन्हें आगे के उपचार और निगरानी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ बोड़ला, चिल्फी, रेंगाखार, तरेगांव, झलमला सहित वनांचल के कई गांवों की गर्भवती महिलाओं को मिला। लाभान्वित क्षेत्रों में मंडलाटोला, खरिया, बैरक, रामहेपुर, सारंगपुरकला, कुसुमघटा, पोड़ी, खंडसरा, भलपरी, मढ़ाडाबरी, मड़मढ़ा और बैजलपुर सहित अनेक गांव शामिल रहे। स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर इन क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह शिविर राहत और सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बना।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तूरे ने बताया कि इस प्रकार के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि समय पर जांच से जटिलताओं को शुरुआती चरण में पहचानकर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सकता है।

बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने बताया कि सोनोग्राफी जांच के माध्यम से गर्भस्थ शिशु के विकास की निगरानी, संभावित प्रसव तिथि की पुष्टि, प्लेसेंटा की स्थिति, अम्नियोटिक द्रव की मात्रा, जन्मजात विकृतियों की पहचान तथा प्लेसेंटा प्रीविया जैसी गंभीर स्थितियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है। वहीं, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजूषा यादव ने सभी महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया और सुरक्षित गर्भावस्था के लिए नियमित जांच कराने की सलाह दी।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस अभियान की अगली कड़ी के रूप में आगामी निःशुल्क सोनोग्राफी एवं स्वास्थ्य जांच शिविर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार में आयोजित किया जाएगा, ताकि वनांचल क्षेत्र की अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।