बीरगांव में गैस संकट पर कांग्रेस का विरोध, 25 दिन में सिलेंडर वितरण की मांग
रायपुर से लगे बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने 45 दिनों के बजाय 25 दिनों में गैस वितरण सुनिश्चित करने की मांग की, जिस पर प्रशासन ने समाधान का आश्वासन दिया।
UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह ,रायपुर । से लगे बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडर की लगातार हो रही कमी ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। इसी समस्या को लेकर कांग्रेस नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की है।
बुधवार को कांग्रेसजनों का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, जिसमें पंकज शर्मा, राजेन्द्र बंजारे, महापौर नंदलाल देवांगन, सभापति कृपाराम निषाद सहित कई पार्षद और कार्यकर्ता शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि बीरगांव नगर निगम और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडर का वितरण 45 दिनों के बजाय 25 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में गैस एजेंसियों द्वारा आम उपभोक्ताओं को 45 दिनों में सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है, जो कि शासन के निर्धारित नियमों के विपरीत है। शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि घरेलू गैस सिलेंडर 25 दिनों के भीतर वितरित किए जाएं, लेकिन इसके बावजूद एजेंसियां मनमानी कर रही हैं।
कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने आरोप लगाया कि गैस एजेंसियां सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रही हैं, जिसके कारण आम जनता को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि बीरगांव क्षेत्र एक औद्योगिक और श्रमिक क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। ऐसे में गैस की कमी से उनके दैनिक जीवन पर सीधा असर पड़ रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र बंजारे ने कहा कि सरकार इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है, जिसके कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गैस की कमी के कारण खासकर महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में चूल्हे पर खाना बनाना मुश्किल हो गया है और इससे परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
महापौर नंदलाल देवांगन ने भी गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में हालात बेहद खराब हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि यहां के अधिकांश लोग फैक्ट्रियों में काम करते हैं और गैस की अनुपलब्धता के कारण उन्हें अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेसजन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस मामले में कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि गैस एजेंसियों के साथ चर्चा कर समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा और वितरण व्यवस्था को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कई पार्षद और कांग्रेस कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई।
कुल मिलाकर, बीरगांव में गैस सिलेंडर की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है और आम जनता इसके समाधान की उम्मीद प्रशासन से कर रही है।