भारतीय किसान संघ अमरवाड़ा ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, गेहूं खरीदी और किसान हितों को लेकर उठाई मांग
अमरवाड़ा में भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर गेहूं खरीदी समय पर शुरू करने, मूंग पंजीयन, 0% ब्याज अवधि बढ़ाने और पराली जलाने पर एफआईआर रोकने जैसी मांगें उठाईं।
UNITED NEWS OF ASIA. वीरेंद्र यादव। अमरवाड़ा में भारतीय किसान संघ द्वारा किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। 6 अप्रैल 2026 को दिए गए इस ज्ञापन में किसानों ने गेहूं खरीदी, फसल पंजीयन, ब्याज राहत और पराली जलाने से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
किसानों ने अपनी प्रमुख मांगों में कहा कि गेहूं की खरीदी समर्थन मूल्य पर समय-समय पर तारीख बढ़ाने की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए और खरीदी को तय समय पर ही प्रारंभ किया जाए। उनका कहना है कि बार-बार तारीख बढ़ने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है।
इसके अलावा किसानों ने मूंग फसल के पंजीयन को जल्द शुरू करने की मांग की। उनका कहना है कि समय पर पंजीयन न होने से किसान अपनी उपज का सही लाभ नहीं उठा पाते। उन्होंने यह भी मांग की कि किसानों को मिलने वाली 0 प्रतिशत ब्याज सुविधा, जो वर्तमान में मार्च तक सीमित है, उसे बढ़ाकर अप्रैल तक किया जाए ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।
ज्ञापन में एक महत्वपूर्ण मुद्दा पराली जलाने से संबंधित भी उठाया गया। किसानों ने कहा कि पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना उचित नहीं है। इसके बजाय सरकार को इसका कोई वैकल्पिक समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसान देश के अन्नदाता हैं और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील निर्णय लिए जाने चाहिए।
इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। इनमें तहसील अध्यक्ष राजेश साहू, तहसील मंत्री निलेश जांघेला, उपाध्यक्ष गोविंद साहू, सह मंत्री डॉ. राजकुमार मालवीय, युवा वाहिनी प्रमुख नितेश वर्मा, विधिक सलाहकार बृजमोहन वर्मा, धीरज राजपूत, जिला प्राकृतिक प्रमुख राम सुरेश वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेंगे और जल्द ही उचित समाधान निकालेंगे।
किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो उन्हें आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल संवाद और समाधान के माध्यम से अपनी समस्याओं का निराकरण करना है।
यह ज्ञापन किसानों की वर्तमान स्थिति और उनकी समस्याओं को उजागर करता है, साथ ही यह संकेत देता है कि कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की भलाई के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।