बलरामपुर को मिली पहली महिला कलेक्टर, संजय चंदन त्रिपाठी संभालेंगी जिले की कमान

राज्य शासन द्वारा जारी प्रशासनिक फेरबदल में 2016 बैच की आईएएस संजय चंदन त्रिपाठी को बलरामपुर जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे जिले की पहली महिला कलेक्टर बनकर इतिहास रचेंगी।

May 6, 2026 - 19:24
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बलरामपुर को मिली पहली महिला कलेक्टर, संजय चंदन त्रिपाठी संभालेंगी जिले की कमान

UNITED NEWA OF ASIA. अली खान बलरामपुर l छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इसी क्रम में 2016 बैच की आईएएस संजय चंदन त्रिपाठी को बलरामपुर जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि वे बलरामपुर की पहली महिला कलेक्टर बनकर इतिहास रचेंगी।

राज्य शासन के इस फैसले को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। संजय चंदन त्रिपाठी इससे पहले कोरिया जिले में कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं, जहां उन्होंने 19वीं कलेक्टर के रूप में प्रभावशाली कार्यशैली का परिचय दिया था। उनके कार्यकाल के दौरान कई विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हुआ।

बलरामपुर जैसे विकासशील जिले में उनकी नियुक्ति को सकारात्मक कदम माना जा रहा है। यह जिला भौगोलिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, जहां प्रशासनिक सक्रियता की हमेशा जरूरत रहती है। ऐसे में एक अनुभवी अधिकारी के रूप में उनकी तैनाती से विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

संजय चंदन त्रिपाठी की पहचान एक सशक्त और परिणामोन्मुखी प्रशासनिक अधिकारी के रूप में रही है। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है। यही वजह है कि बलरामपुर में भी उनसे बेहतर प्रशासन और पारदर्शिता की अपेक्षा की जा रही है।

उनकी नियुक्ति महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण संदेश देती है। पहली बार किसी महिला अधिकारी को जिले की कमान मिलने से समाज में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय प्रशासन और आम जनता को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में जिले में विकास की नई रफ्तार देखने को मिलेगी। शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर सुधार अब प्राथमिकता में रहेगा।

कुल मिलाकर, संजय चंदन त्रिपाठी की नियुक्ति बलरामपुर जिले के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की संभावना है।