बलौदाबाजार की ऐतिहासिक उपलब्धि: पहली बार दो विभूतियों को मिला राज्य अलंकरण सम्मान, जिले में खुशी की लहर
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 के अवसर पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की दो विभूतियों — कृषक वामन टिकरिहा और समाजसेवी शशि गायकवाड़ — को राज्य अलंकरण सम्मान से नवाजा गया। वामन टिकरिहा को डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार और शशि गायकवाड़ को गुरु घासीदास सम्मान प्रदान किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. चंद्रकांत वर्मा, बलौदाबाजार | बलौदाबाजार जिले के लिए यह ऐतिहासिक क्षण रहा जब पहली बार जिले की दो विभूतियों को एक साथ छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण सम्मान से नवाजा गया। राजधानी रायपुर में आयोजित राज्योत्सव 2025 के भव्य अलंकरण समारोह में देश के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कृषक वामन टिकरिहा को डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार और समाजसेवी शशि गायकवाड़ को गुरु घासीदास सम्मान 2025 प्रदान किया। समारोह में राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मंचासीन रहे।
जिले का नाम जब समारोह में उद्घोषित हुआ तो सभागार में उपस्थित लोगों के चेहरों पर गर्व और उत्साह झलक उठा। यह सम्मान बलौदाबाजार की मिट्टी में बसे उन लोगों की मेहनत का प्रतीक बन गया, जिन्होंने समाज और कृषि दोनों क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
वामन टिकरिहा — नवाचार से खेती को नई दिशा
विकासखंड पलारी के ग्राम मुसुवाडीह निवासी कृषक वामन टिकरिहा को खेती में नवाचार, जैविक विधियों के प्रयोग और बहुआयामी कृषि मॉडल को अपनाने के लिए डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें इस सम्मान के तहत 2 लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
वामन टिकरिहा ने बीते दो दशकों में पारंपरिक खेती को वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़कर धान, सब्ज़ी, फल, पशुपालन और मछली पालन को एकीकृत मॉडल के रूप में विकसित किया है। उन्होंने न केवल अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाया बल्कि आसपास के किसानों को भी आधुनिक कृषि की राह दिखाई।
ETV भारत ने वामन टिकरिहा के गांव जाकर उनका विशेष साक्षात्कार भी किया, जिसमें उनके संघर्ष, नवाचार और प्रेरक जीवन यात्रा को दर्शाया गया।
शशि गायकवाड़ — समाज में चेतना की मिसाल
ग्राम छड़िया (विकासखंड पलारी) की शशि गायकवाड़ को गुरु घासीदास सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह पुरस्कार अनुसूचित जाति समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक चेतना बढ़ाने के लिए दिया गया है।
शशि गायकवाड़ ने ग्रामीण अंचलों में शिक्षा, समानता और स्वाभिमान की अलख जगाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा जैसे विषयों पर जागरूकता अभियान चलाए हैं। उन्हें भी इस सम्मान के तहत 2 लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
जिले में उमड़ा गर्व और उत्साह
दोनों विभूतियों के सम्मान की खबर से पूरे बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
कलेक्टर दीपक सोनी ने दोनों पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा, “यह पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। वामन टिकरिहा और शशि गायकवाड़ जैसे व्यक्तित्व समाज की प्रेरणा हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर बलौदाबाजार का नाम ऊंचा किया है।”
जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने दोनों विभूतियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि राज्योत्सव 2025 का यह क्षण बलौदाबाजार की पहचान को नई ऊंचाई दे गया है।
एक ओर वामन टिकरिहा ने कृषि में नवाचार की मिसाल पेश की, तो दूसरी ओर शशि गायकवाड़ ने समाजसेवा में अपने कार्यों से अमिट छाप छोड़ी। दोनों ही व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं।