दिव्यांग आर्चरी खिलाड़ियों को मिलेंगी तीरंदाजी की सभी सुविधाएं, मुख्यमंत्री ने दिया सहयोग का आश्वासन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जनदर्शन में मिले दिव्यांग आर्चरी खिलाड़ी होरीलाल यादव और लक्की सोनी। मुख्यमंत्री ने उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए सभी आवश्यक खेल सुविधाएं और उपकरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. हसिब अख्तर, रायपुर | छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांग खिलाड़ियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आर्चरी के दिव्यांग खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
रायपुर स्थित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री से दिव्यांग तीरंदाजी खिलाड़ी होरीलाल यादव और लक्की सोनी ने मुलाकात की। दोनों खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे दिव्यांग वर्ग में राष्ट्रीय स्तर के आर्चरी खिलाड़ी हैं और आगामी फरवरी माह में पटियाला में आयोजित होने वाली नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे हैं।
खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया कि वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय आर्चरी प्रतियोगिताओं में भी भाग लेकर देश और राज्य का नाम रोशन करना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाले खेल उपकरण, प्रशिक्षण सुविधाएं और संसाधनों की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खिलाड़ियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी भी प्रदेश की शान हैं और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए आवश्यक खेल उपकरण, प्रशिक्षण एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना प्रेरणादायक है। उन्होंने दोनों तीरंदाजों से अपने खेल कौशल को और निखारने तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
सरकार द्वारा दिव्यांग खिलाड़ियों को समान अवसर देने की यह पहल राज्य की समावेशी खेल नीति को दर्शाती है। इससे न केवल दिव्यांग खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि अन्य युवा प्रतिभाओं को भी खेलों की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
छत्तीसगढ़ सरकार की इस सकारात्मक पहल से यह स्पष्ट है कि प्रदेश में खेलों के विकास के साथ-साथ दिव्यांग खिलाड़ियों के सशक्तिकरण को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे प्रयास राज्य को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।