जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में डिलीवरी का रिकॉर्ड स्तर, अक्टूबर में हुए 456 प्रसव

जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में अक्टूबर 2025 में संस्थागत प्रसवों का आंकड़ा 456 तक पहुंच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इनमें से 155 प्रसव सी-सेक्शन के माध्यम से कराए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार अवस्थी ने बताया कि बढ़ते प्रसव आंकड़े अस्पताल की बेहतर सुविधाओं और जनता के भरोसे का परिणाम हैं।

Nov 7, 2025 - 11:19
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जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में डिलीवरी का रिकॉर्ड स्तर, अक्टूबर में हुए 456 प्रसव

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, बलौदाबाजार । छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के जिला चिकित्सालय ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अक्टूबर माह के दौरान अस्पताल में कुल 456 संस्थागत प्रसव दर्ज किए गए, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इनमें से 155 प्रसव सी-सेक्शन (शल्य प्रसव) के माध्यम से किए गए।

 

यह बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं में लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार अवस्थी ने बताया कि जिले में लगभग 1400 गर्भवती महिलाओं की एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) की गई। इससे यह स्पष्ट है कि सुरक्षित मातृत्व और नियमित जांच के प्रति महिलाओं में जागरूकता तेजी से बढ़ी है।

डॉ. अवस्थी ने कहा कि प्रसवों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल पर कार्यभार में भी वृद्धि हुई है। मातृ एवं शिशु वार्ड में अतिरिक्त संसाधन और मानवबल की आवश्यकता महसूस की जा रही है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था, निशुल्क दवाइयां, 24×7 उपलब्ध स्वास्थ्य स्टाफ तथा राज्य सरकार की जनहितैषी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिलने से अधिकाधिक प्रसूताएं अब जिला चिकित्सालय का रुख कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसवों में वृद्धि से न केवल माताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि शिशु मृत्यु दर में भी कमी आने की संभावना है।

अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि यदि यही रफ्तार जारी रही, तो आने वाले महीनों में बलौदाबाजार जिला मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य स्तर पर एक मॉडल के रूप में उभर सकता है।

जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार के “सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ नवजात” अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।