बालोद में राजस्व पखवाड़ा बना राहत का माध्यम, 7 दिनों में 1500 से अधिक मामलों का समाधान
बालोद जिले में चल रहे राजस्व पखवाड़ा के तहत 7 दिनों में 1500 से अधिक मामलों का त्वरित समाधान किया गया। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को मौके पर ही राहत मिल रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद। जिले में संचालित राजस्व पखवाड़ा आम जनता के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। 01 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान के तहत प्रशासन द्वारा तेजी से कार्यवाही करते हुए अब तक 1500 से अधिक मामलों का मौके पर ही समाधान किया जा चुका है। इससे ग्रामीणों को लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों से निजात मिल रही है और उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।
जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 2261 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1517 आवेदनों का निराकरण शिविर स्थल पर ही कर दिया गया है। यह पहल प्रशासन की सक्रियता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में राजस्व पखवाड़ा अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार शिविरों का निरीक्षण कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी तरीके से समाधान हो। एसडीएम, तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहकर सीधे ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं।
जिले के डौण्डीलोहारा, डौण्डी और गुण्डरदेही विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में राजस्व शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जा रहा है और मौके पर ही उनका समाधान किया जा रहा है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।
राजस्व पखवाड़ा के दौरान नामांतरण, खाता विभाजन, बटवारा, नक्शा बटांकन, फौती नामांतरण और अभिलेख सुधार जैसे महत्वपूर्ण मामलों का निराकरण किया जा रहा है। ये ऐसे मुद्दे हैं, जो आमतौर पर लंबे समय तक लंबित रहते हैं और लोगों को परेशान करते हैं।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का समयबद्ध समाधान कर लोगों को राहत पहुंचाना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शिविरों में पारदर्शिता बनाए रखने और शिकायतों के त्वरित निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राजस्व पखवाड़ा के सकारात्मक परिणामों से ग्रामीणों में संतोष का माहौल है। लोग इस पहल की सराहना कर रहे हैं और इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। यह अभियान न केवल प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम कर रहा है, बल्कि सुशासन की दिशा में भी एक मजबूत पहल साबित हो रहा है।
कुल मिलाकर, बालोद जिले में राजस्व पखवाड़ा आमजन के लिए राहत का माध्यम बनकर उभरा है, जिसने शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने का कार्य किया है।