बालोद में उर्वरक वितरण में गड़बड़ी, 6 कृषि केंद्रों को नोटिस, एक का विक्रय प्रतिबंधित

बालोद में उर्वरक वितरण में अनियमितता पाए जाने पर कृषि विभाग ने 6 कृषि केंद्रों को नोटिस जारी किया है, जबकि एक केंद्र के विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

Apr 10, 2026 - 14:25
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बालोद में उर्वरक वितरण में गड़बड़ी, 6 कृषि केंद्रों को नोटिस, एक का विक्रय प्रतिबंधित

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद। बालोद जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर कृषि विभाग द्वारा सख्त निगरानी रखी जा रही है। किसानों को गुणवत्तायुक्त और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में हाल ही में किए गए निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों में अनियमितताएं पाई गई हैं, जिस पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई की है।

कृषि विभाग के उप संचालक ने जानकारी देते हुए बताया कि निरीक्षण के दौरान पी.ओ.एस. मशीन के रिकॉर्ड, भौतिक स्टॉक (स्कंध) तथा किसानों को वितरित किए गए उर्वरकों की मात्रा का मिलान किया गया। इस सत्यापन प्रक्रिया में कई केंद्रों पर रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया, जो नियमों का उल्लंघन है।

जांच के दौरान टेसू कृषि केंद्र गुरूर, सुरेश ट्रेडर्स गुरूर, सोनकर कृषि केंद्र डौंडीलोहारा, सोनवानी कृषि केंद्र जेवरतला तथा सेवा सहकारी समिति नवागांव (अहि.) में उर्वरकों के भंडारण और वितरण में अनियमितता सामने आई। इन सभी केंद्रों के संचालकों को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, बाफना कृषि केंद्र अछोली में गंभीर अनियमितता पाए जाने के चलते उसके उर्वरक विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा के लिए की गई है, ताकि उन्हें सही दर और गुणवत्ता का उर्वरक मिल सके।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि जिले में उर्वरक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही उर्वरक खरीदें और किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत होने पर तत्काल विभाग को सूचित करें। इससे न केवल किसानों के हितों की रक्षा होगी, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता भी बनी रहेगी।

यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि प्रशासन किसानों के हितों के प्रति गंभीर है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे उम्मीद की जा रही है कि जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनेगी।