रायपुर में “मोर मयारू गुरुजी” कार्यक्रम आयोजित, डॉ. वर्णिका शर्मा ने चरित्र निर्माण पर दिया जोर

रायपुर के महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज में “मोर मयारू गुरुजी” कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें डॉ. वर्णिका शर्मा ने बच्चों के चरित्र निर्माण को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।

Apr 10, 2026 - 14:30
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रायपुर में “मोर मयारू गुरुजी” कार्यक्रम आयोजित, डॉ. वर्णिका शर्मा ने चरित्र निर्माण पर दिया जोर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर।  रायपुर में स्थित महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा “मोर मयारू गुरुजी” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कॉलेज के अनुरोध पर आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10:30 बजे हुई और यह दोपहर 1:00 बजे तक चला। कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि “बच्चों का चरित्र निर्माण ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।” उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को सही दिशा देना उनका सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है और इसे एक यज्ञ के रूप में निभाना चाहिए।

डॉ. शर्मा ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के नैतिक और सामाजिक विकास पर भी विशेष ध्यान दें। उन्होंने यह भी बताया कि आज के समय में बच्चों को सही संस्कार और मूल्यों की आवश्यकता है, जो उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करेंगे।

इस अवसर पर आयोग के सचिव प्रतीक खरे ने बच्चों के अधिकारों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने रोचक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि बच्चे लगभग 80 प्रतिशत बातें देखकर सीखते हैं और केवल 20 प्रतिशत बातें सुनकर या पढ़कर। इसलिए शिक्षकों का व्यवहार और आचरण बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत होना चाहिए।

कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियों, लघु फिल्मों, पावर पॉइंट प्रस्तुति और कहानियों के माध्यम से विषय को सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इससे उपस्थित प्रतिभागियों को विषय को समझने में काफी मदद मिली और उन्होंने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया।

इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्य डॉ. जास्मिन जोशी, उपप्राचार्य डॉ. श्वेता तिवारी तथा शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. रुचि सरकार सहित समस्त फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा बी.एड. और डी.एड. के लगभग 125 छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम के समापन के बाद प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों को अपने दायित्वों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं।

अंत में आयोग द्वारा कॉलेज प्रबंधन का आभार व्यक्त किया गया, वहीं कॉलेज परिवार ने भी डॉ. वर्णिका शर्मा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। यह कार्यक्रम शिक्षा और संस्कार के महत्व को रेखांकित करने वाला एक सफल प्रयास साबित हुआ।