कम्पोजिट विदेशी मदिरा दुकान बचेली में 1.52 करोड़ की हेराफेरी, फरार नामजद आरोपी गिरफ्तार
दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित कम्पोजिट विदेशी मदिरा दुकान में 1 करोड़ 52 लाख रुपये से अधिक की राशि गबन के मामले में फरार चल रहे नामजद आरोपी राकेश उईके को बचेली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा | कम्पोजिट विदेशी मदिरा दुकान, बचेली में भारी वित्तीय अनियमितता और राशि गबन के मामले में फरार चल रहे नामजद आरोपी को बचेली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 49/2025 धारा 316(5), 336(3), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल दंतेवाड़ा भेज दिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी का नाम राकेश उईके, पिता स्वर्गीय केवल उईके, उम्र 31 वर्ष, निवासी अस्पताल पारा गीदम, थाना गीदम, जिला दंतेवाड़ा है। आरोपी के कब्जे से 01 नग वीवो कंपनी का मोबाइल फोन एवं 02 नग बैंक पासबुक जप्त की गई हैं।
मामले का खुलासा दिनांक 26 नवंबर 2025 को हुआ, जब जिला आबकारी अधिकारी सह जिला प्रबंधक सी.एस.एम.सी.एल. द्वारा थाना बचेली में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट के अनुसार दिनांक 25 नवंबर 2025 को कम्पोजिट विदेशी मदिरा दुकान बचेली का आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जिसमें स्टॉक एवं केश शॉर्टेज कुल ₹1,52,47,774/- पाया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मुख्य विक्रयकर्ताओं एवं दुकान प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक द्वारा सुनियोजित तरीके से राशि की हेराफेरी कर गबन किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा श्री गौरव राय के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रामकुमार बर्मन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्री कपिल चंद्रा (किरंदुल) और उप पुलिस अधीक्षक श्री नसर सिद्दीकी के मार्गदर्शन में आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष निर्देश दिए गए।
थाना प्रभारी बचेली निरीक्षक मधुनाथ ध्रुव के नेतृत्व में की गई विवेचना के दौरान पूर्व में इस प्रकरण में 05 आरोपियों दीपक यादव, के. चंद्रशेखर, देवेंद्र पैकरा, आबकारी उपनिरीक्षक अजय शर्मा एवं अंकित तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
नामजद आरोपी राकेश उईके घटना दिनांक से फरार था और गिरफ्तारी के भय से लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस टीमों द्वारा जिला कोंडागांव एवं गीदम क्षेत्र में सघन तलाश की गई तथा मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर दिनांक 06 जनवरी 2026 को आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अप्रैल 2024 से शराब बिक्री की राशि को अपने क्यूआर कोड, फोन-पे एवं गूगल-पे खातों में प्राप्त कर स्टॉक पंजी में फर्जी प्रविष्टियाँ कीं और कुल ₹1.52 करोड़ से अधिक की राशि का गबन किया।
आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, न्यायालय बचेली के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जिला जेल दंतेवाड़ा भेज दिया गया।
इस कार्यवाही में निरीक्षक मधुनाथ ध्रुव, उप निरीक्षक रूपेश नारंग, आरक्षक डमरूधर कश्यप एवं आरक्षक गजेंद्र ध्रुव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।