कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी द्वारा की गई, जबकि शिविर का सफल संचालन खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी अनंत के नेतृत्व में संपन्न हुआ। आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में जन्मजात, शारीरिक, मानसिक एवं अन्य गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उन्हें उचित उपचार से जोड़ना रहा।
मेगा हेल्थ कैम्प में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा कुल 219 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान 17 ऐसे बच्चों की पहचान की गई, जो गंभीर रोगों से ग्रसित पाए गए। इन बच्चों को बेहतर एवं विशेष उपचार हेतु हायर सेंटर रेफर किया गया है, जिससे उन्हें समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
शिविर में जिला अस्पताल रायपुर तथा सत्यसाईं अस्पताल नवा रायपुर से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। हृदय रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ एवं नेत्र परीक्षण से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा बच्चों की गहन जांच की गई। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार बच्चों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया।
विशेषज्ञ टीम में सत्यसाईं अस्पताल से आए हृदय रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल रायपुर से त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अपर्णा, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. विश्वजा जाउकर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सागर स्वर्णकार एवं डॉ. नितिन चंद्राकर, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल चोपड़ा तथा सहायक नेत्र अधिकारी सालिकराम नवरंगे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिविर को सफल बनाने में बी.पी.एम. दीपक मीरे, चिरायु टीम से डॉ. शिल्पा कटारिया, डॉ. शोभा निषाद, डॉ. शिवानी नायक, डॉ. देवेन्द्र बंजारे, डॉ. अबरार आलम, डॉ. भूपेश गेंडरे, फार्मासिस्ट वीरेन्द्र बंजारे, विनीत कुमार, डुमेन्द्र धुर्वे, ए.एन.एम. टिकेश्वरी साहू, परिणीता, एल.टी. मुकेश कुमार साहू एवं टिकम साहू सहित स्वास्थ्य विभाग के अमले का सराहनीय योगदान रहा।
इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, गंभीर बीमारियों की शीघ्र पहचान और समय पर रेफरल की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भविष्य में भी इसी प्रकार के मेगा हेल्थ कैम्प आयोजित कर बच्चों के समग्र स्वास्थ्य विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे।