अम्बेडकर अस्पताल के डर्मेटोलॉजी विभाग में त्वचा रोगों के आधुनिक उपचार की सुविधा, एडवांस्ड प्रोसिजर उपलब्ध

रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के डर्मेटोलॉजी विभाग में त्वचा, बाल, नाखून और पिगमेंटरी डिसऑर्डर से संबंधित मरीजों के लिए आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभाग में डायग्नोस्टिक जांच के साथ माइनर सर्जरी, फोटोथेरेपी, इंजेक्टेबल ट्रीटमेंट, केमिकल पील्स तथा चयनित लेजर और लाइट-बेस्ड प्रोसिजर किए जा रहे हैं। उपचार मरीज की बीमारी, स्थिति और जरूरत के अनुसार तय किया जाता है।

Aug 18, 2026 - 11:24
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अम्बेडकर अस्पताल के डर्मेटोलॉजी विभाग में त्वचा रोगों के आधुनिक उपचार की सुविधा, एडवांस्ड प्रोसिजर उपलब्ध

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के डर्मेटोलॉजी विभाग में त्वचा, बाल, नाखून और पिगमेंटरी डिसऑर्डर से संबंधित मरीजों के लिए आधुनिक एवं विशेषज्ञ उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभाग में सामान्य से लेकर जटिल त्वचा रोगों की जांच और उपचार के लिए डायग्नोस्टिक, मेडिकल, सर्जिकल और विभिन्न प्रोसिजरल सुविधाएं संचालित हैं।

डर्मेटोलॉजिस्ट एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय कुमार (एम.के.) सिंह के अनुसार, मरीज की बीमारी और आवश्यकता के आधार पर माइनर डर्मेटोलॉजिकल सर्जरी, फोटोथेरेपी, इंजेक्टेबल ट्रीटमेंट, केमिकल पील्स तथा चयनित लेजर एवं लाइट-बेस्ड प्रोसिजर किए जाते हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य मरीजों को एक ही स्थान पर वैज्ञानिक और मरीज-केंद्रित त्वचा रोग उपचार उपलब्ध कराना है।

निदान के लिए आधुनिक सुविधाएं

डर्मेटोलॉजी विभाग में त्वचा रोगों की सही पहचान के लिए विभिन्न डायग्नोस्टिक प्रोसिजर किए जाते हैं। फंगल और अन्य त्वचा संक्रमणों की जांच के लिए डायरेक्ट माइक्रोस्कोपी की सुविधा उपलब्ध है। वहीं इंफ्लेमेटरी, इंफेक्शियस, नियोप्लास्टिक और अन्य त्वचा रोगों के हिस्टोपैथोलॉजिकल निदान के लिए पंच बायोप्सी की जाती है।

चयनित त्वचा घावों की जांच के साथ उन्हें पूरी तरह हटाने के लिए एक्सिसनल बायोप्सी भी की जाती है। इससे मरीज की बीमारी की प्रकृति को समझने और उपयुक्त उपचार तय करने में सहायता मिलती है।

माइनर डर्मेटोलॉजिकल सर्जरी

विभाग में चयनित मरीजों के लिए विभिन्न छोटी सर्जिकल प्रक्रियाएं भी उपलब्ध हैं। इनमें उपयुक्त बिनाइन सिस्टिक घावों के लिए सिस्ट एक्सिशन, चयनित बिनाइन मेलेनोसाइटिक घावों के लिए मोल या नेवस एक्सिशन तथा नाखून से संबंधित कुछ बीमारियों में नेल एक्सट्रैक्शन सर्जरी शामिल है।

स्थिर विटिलिगो के चयनित मरीजों में विटिलिगो ग्राफ्टिंग सर्जरी भी की जाती है। हालांकि, किसी भी प्रक्रिया का निर्णय मरीज की चिकित्सकीय जांच और उपयुक्तता के आधार पर लिया जाता है।

इंजेक्टेबल और थेराप्यूटिक प्रोसिजर

चयनित मस्सों और अन्य उपयुक्त त्वचा घावों में टीसीए एप्लीकेशन किया जाता है। कुछ इंफ्लेमेटरी और हाइपरट्रॉफिक त्वचा रोगों में इंट्रालेसनल स्टेरॉयड इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है।

उपयुक्त डर्मेटोलॉजिकल इंडिकेशन में बोटुलिनम टॉक्सिन यानी बोटॉक्स का भी इस्तेमाल किया जाता है। बालों और कुछ अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं के चयनित मामलों में पीआरपी थेरेपी तथा मुंहासों और कॉमेडोनल डिसऑर्डर में कॉमेडोन एक्सट्रैक्शन की सुविधा उपलब्ध है।

फोटोथेरेपी और लेजर उपचार

कुछ इंफ्लेमेटरी, पिगमेंटरी और फोटोरिस्पॉन्सिव त्वचा रोगों के उपचार के लिए यूवीए और यूवीबी फोटोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध है। चयनित डर्मेटोलॉजिकल कंडीशन में आयनटोफोरेसिस का भी उपयोग किया जाता है।

चयनित मुंहासों, पिगमेंटेशन और सतही त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए केमिकल पीलिंग की जाती है। वहीं मुंहासों के निशान और कुछ स्कार संबंधी समस्याओं में उपयुक्त मरीजों के लिए सीओ₂ लेजर का उपयोग किया जाता है। कुछ पिगमेंटरी और अन्य डर्मेटोलॉजिकल इंडिकेशन में Nd:YAG लेजर तथा चयनित मरीजों में हेयर रिडक्शन के लिए IPL प्रक्रिया भी उपलब्ध है।

मरीज की स्थिति के अनुसार तय होता है उपचार

डर्मेटोलॉजी विभाग में किसी भी प्रोसिजर को मरीज के उचित क्लिनिकल इवैल्यूएशन और चयन के बाद ही किया जाता है। उपचार का विकल्प बीमारी के निदान, गंभीरता, मरीज के स्किन टाइप, उपचार के लक्ष्य और समग्र चिकित्सकीय स्थिति को ध्यान में रखकर तय किया जाता है।

मरीजों को उपचार से होने वाले संभावित लाभ, साइड इफेक्ट, आवश्यक आफ्टरकेयर और फॉलो-अप से संबंधित जानकारी भी दी जाती है।

बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध कराना उद्देश्य

टर्शियरी-केयर सरकारी अस्पताल में मरीजों को आधुनिक, विशेषज्ञ और साक्ष्य-आधारित त्वचा रोग सेवाएं उपलब्ध कराना डर्मेटोलॉजी विभाग का प्रमुख उद्देश्य है। त्वचा, बाल और नाखून संबंधी रोगों के लिए उन्नत डायग्नोस्टिक और थेराप्यूटिक विकल्पों को मजबूत करने की दिशा में विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।