किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर राज्य स्तरीय बैठक, 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों तक पहुंचाई जाएंगी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं

रायपुर में किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय राउंड टेबल डिस्कशन आयोजित किया गया। प्रोजेक्ट साहस के तहत 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों तक गुणवत्तापूर्ण और सहज स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, स्कूल स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा विभागों और संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई।

Aug 18, 2026 - 11:21
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किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर राज्य स्तरीय बैठक, 10 से 19 वर्ष के किशोर-किशोरियों तक पहुंचाई जाएंगी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l किशोरावस्था जीवन का ऐसा महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास तेजी से होता है। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और चुनौतियों की समय पर पहचान, उचित परामर्श तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग द्वारा किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और संवेदनशील बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में प्रोजेक्ट साहस के क्रियान्वयन और आगामी रणनीति को लेकर सोमवार को नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में एक दिवसीय राज्य स्तरीय राउंड टेबल डिस्कशन आयोजित किया गया। बैठक में किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और अधिक से अधिक किशोर-किशोरियों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

स्वास्थ्य विभाग और कलेक्टिव्स फॉर इंटीग्रेटेड लाइवलीहुड इनिशिएटिव्स के सहयोग से प्रोजेक्ट साहस का संचालन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की पहुंच को और व्यापक बनाने का प्रयास किया जाएगा। परियोजना का प्रमुख उद्देश्य 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों तक गुणवत्तापूर्ण, सहज और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर

राउंड टेबल डिस्कशन के दौरान किशोर स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपने विचार साझा किए। बैठक में किशोरों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं, स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने, विद्यालय स्तर पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और विभिन्न विभागों व संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में रायपुर, दुर्ग और बस्तर सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने स्थानीय स्तर पर किशोरों की जरूरतों को समझकर स्वास्थ्य सेवाओं को उनके लिए अधिक उपयोगी और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

बैठक में स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त संचालक डॉ. निर्मला यादव, एम्स रायपुर से डॉ. मनीषा रूइकर, कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन विभागाध्यक्ष, उप संचालक-किशोर स्वास्थ्य डॉ. वी. आर. भगत, डॉ. स्मृति देवांगन, एनएचएम के राज्य सलाहकारों और जिला स्तरीय अधिकारियों ने किशोर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े सुझाव और अनुभव साझा किए।

टाटा ट्रस्ट्स की ओर से डॉ. तन्वी अहेर तथा सिनी संस्था की मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ टीम लीड सोनल दास ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की और अपने अनुभव साझा किए।

सही जानकारी और परामर्श से जोड़ने की पहल

प्रोजेक्ट साहस के माध्यम से किशोरों को स्वास्थ्य से संबंधित सही जानकारी, आवश्यक परामर्श और जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही विद्यालयों और समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि किशोर स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ स्कूलों, स्थानीय संस्थाओं और अन्य संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है। प्रोजेक्ट साहस के माध्यम से इसी दिशा में आगे की रणनीति तैयार कर किशोर-किशोरियों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।