अधिवक्ता परिषद के प्रांतीय अधिवेशन में सूरजपुर के अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी
रायपुर में आयोजित अधिवक्ता परिषद के प्रांतीय अधिवेशन में सूरजपुर जिले के कई अधिवक्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में न्यायिक सुधार, सामाजिक दायित्व और संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
UNITED NEWS ASIA. विकास श्रीवास्तव, सूरजपुर । अधिवक्ता परिषद का प्रांतीय अधिवेशन वर्ष 2026 में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर स्थित विवेकानंद सभागार में केन्द्रीय पदाधिकारियों के सानिध्य में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण अधिवेशन का उद्घाटन प्रदेश के विधि मंत्री द्वारा किया गया, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया।
अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद देश के प्रमुख वकील संगठनों में से एक है, जिसकी स्थापना 07 सितम्बर 1992 को दत्तोपंत ठेंगड़ी की पहल पर की गई थी। यह संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से वैचारिक रूप से प्रेरित है और न्यायिक सुधार, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता है।
यह परिषद देश के विभिन्न जिलों, ट्रायल कोर्ट, तहसील न्यायालयों और अन्य न्यायिक संस्थानों में कार्यरत राष्ट्रवादी विचारधारा के अधिवक्ताओं को संगठित करने का कार्य करती है। साथ ही संगठन द्वारा समय-समय पर अध्ययन मंडलियों, सेमिनारों तथा अधिवक्ताओं के सम्मान समारोह जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। परिषद स्वयं को “समाज का प्रहरी” मानते हुए न्याय को अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य करती है।
इस प्रांतीय अधिवेशन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से परिषद के सदस्य एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम को डॉ. भूपेन्द्र करवड़े, नरेश पटेल, प्रदीप सिंह, धर्मेश श्रीवास्तव सहित अन्य अतिथियों ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए न्यायिक व्यवस्था में सुधार, अधिवक्ताओं की भूमिका और समाज के प्रति उनके दायित्वों पर प्रकाश डाला।
सूरजपुर जिले से भी अधिवक्ता परिषद की जिला इकाई के कई प्रमुख सदस्य इस अधिवेशन में शामिल हुए। इनमें राज्य परिषद के मंत्री संजय भारत, जिला अध्यक्ष मुखतार तिवारी, राजू दास एवं श्यामलाल प्रजापति प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उनकी सहभागिता ने जिले की सक्रियता और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाया।
अधिवेशन के दौरान जिला अध्यक्ष मुखतार तिवारी द्वारा पिछले एक वर्ष में सूरजपुर इकाई द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इस प्रतिवेदन में स्थापना दिवस, महिला दिवस के अवसर पर महिला अधिवक्ताओं का सम्मान समारोह, गुरु पूर्णिमा, संविधान दिवस तथा समन्वय शताब्दी समारोह के अंतर्गत आयोजित मासिक बैठकों जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया गया।
कार्यक्रम का समापन संगठन के उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ। इस अधिवेशन ने अधिवक्ताओं के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने के साथ-साथ न्यायिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की।