अरमरीकला जनसमस्या निवारण शिविर में 1689 आवेदनों का मौके पर निराकरण, ग्रामीणों को मिली कई सौगातें
बालोद जिले के अरमरीकला में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हुआ, जहां 1843 में से 1689 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया और विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद। बालोद जिले के गुरूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम अरमरीकला में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के लिए सौगातों से भरा साबित हुआ। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस शिविर में कुल 1843 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1689 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में काफी संतोष और उत्साह देखने को मिला।
शिविर में क्षेत्रीय विधायक संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर तथा कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बालोद जिले में राजस्व पखवाड़ा का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया, जो 1 अप्रैल से 15 जून तक संचालित होगा। इस दौरान राजस्व संबंधी समस्याओं के शत-प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य रखा गया है।
शिविर में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभ वितरित किए गए। आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड, वरिष्ठ नागरिकों को वय वंदन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, दिव्यांगजनों को श्रवण यंत्र और इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर प्रदान की गई। इसके अलावा मछुआरों को मछली जाल और आईस बॉक्स भी वितरित किए गए।
राजस्व पखवाड़े के तहत ग्राम सांगली के 255 और पिकरीपार के 125 सहित कुल 380 हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड प्रदान किए गए। वहीं, 16 ग्राम पंचायतों से प्राप्त 94 राजस्व संबंधी मामलों में से 40 का निराकरण किया गया, जिनमें अविवादित बंटवारा, नक्शा बटांकन और सीमांकन जैसे मामले शामिल थे।
शिविर के दौरान ग्राम भुलनडबरी निवासी परमुनी बाई को उनके पति की मृत्यु पर आरबीसी 6-4 के तहत 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत दो महिलाओं को 1-1 लाख रुपये के डेमो चेक भी वितरित किए गए।
विभिन्न विभागों ने शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य हासिल किया। राजस्व विभाग ने 240 में से 240, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 280 में से 280 तथा तहसील विभाग ने 218 में से 218 आवेदनों का निराकरण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक संगीता सिन्हा ने शिविर की सराहना करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी आवेदनों का संवेदनशीलता के साथ समाधान करें। जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई और योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक रहने की अपील की।
संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर ने कहा कि राजस्व पखवाड़े के दौरान सभी लंबित मामलों का निराकरण किया जाएगा और साथ ही जल संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया। वहीं कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने ग्रामीणों की भारी उपस्थिति को सकारात्मक बताते हुए समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।
शिविर में सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार, गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।
यह शिविर छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिससे ग्रामीणों को सीधे लाभ मिला और प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ।