धमतरी में 'सहकार से समृद्धि अभियान' का शुभारंभ, 96 समितियों में सहकारी सप्ताह की शुरुआत

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में धमतरी जिले में 'सहकार से समृद्धि अभियान' का शुभारंभ किया गया। 29 जून से 6 जुलाई तक चलने वाले सहकारी सप्ताह के तहत जिले की 96 लैम्प्स, पैक्स, मत्स्य एवं दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के पहले दिन 236 नए सदस्यों को प्राथमिक सदस्यता भी प्रदान की गई।

Jun 29, 2026 - 18:26
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धमतरी में 'सहकार से समृद्धि अभियान' का शुभारंभ, 96 समितियों में सहकारी सप्ताह की शुरुआत

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य शासन के निर्देशानुसार धमतरी जिले में 'सहकार से समृद्धि अभियान' का भव्य शुभारंभ किया गया। सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने तथा किसानों, मत्स्यपालकों और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित यह विशेष अभियान 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा

अभियान के पहले दिन धमतरी जिले के चारों विकासखंड धमतरी, कुरूद, नगरी और मगरलोड की कुल 96 लैम्प्स, पैक्स, मत्स्य पालन एवं दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में विभिन्न सहकारी गतिविधियों का आयोजन किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के तहत सभी समिति कार्यालय परिसरों में सहकारी ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद उपस्थित सदस्यों के बीच समितियों के उपविधियों का वाचन किया गया तथा उन्हें सहकारिता के नियमों, अधिकारों और दायित्वों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मत्स्य एवं दुग्ध सहकारी समितियों के गठन तथा उनसे जुड़कर मिलने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित सदस्यों को बताया कि संगठित होकर कार्य करने से किसानों और ग्रामीणों को बेहतर बाजार, आर्थिक सुरक्षा तथा सरकारी योजनाओं का अधिक लाभ मिल सकता है।

उपायुक्त सहकारिता प्रदीप ठाकुर ने अभियान के अवसर पर सभी समितियों से सहकारिता गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसानों, पशुपालकों, मत्स्यपालकों तथा ग्रामीणों को सहकारी संस्थाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बताते हुए सभी संबंधित विभागों से समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की।

अभियान के तहत जिलेभर में विशेष सदस्यता अभियान भी चलाया गया। इसके माध्यम से नए सदस्यों को सहकारी समितियों से जोड़ा गया और उन्हें सदस्यता प्रदान कर स्वागत किया गया। आयोजित संगोष्ठियों में विशेषज्ञों ने दुग्ध और मत्स्य सहकारी समितियों की उपयोगिता, स्वरोजगार के अवसर तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रमों में ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान, ग्रामीण, वरिष्ठ नागरिक और महिलाओं ने भाग लिया। जिले के चारों विकासखंडों में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 2,815 सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें 2,461 पुरुष और 354 महिलाएं शामिल थीं। सदस्यता अभियान के दौरान 236 नए सदस्यों को प्राथमिक सदस्य बनाया गया, जिनमें 175 पुरुष और 61 महिलाएं शामिल हैं।

सहकारिता विभाग का कहना है कि सहकारी सप्ताह के दौरान आगामी दिनों में भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठियां और सदस्यता अभियान आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता आंदोलन से जोड़कर उनकी आय और आजीविका के अवसरों में वृद्धि की जा सके।