ग्रामीणों के विरोध के बाद रिसगांव रेंज के रेंजर हटाए गए, विशेष अधिकारी के रूप में किया गया संबद्ध
सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के रिसगांव रेंज में पदस्थ परिक्षेत्र अधिकारी को ग्रामीणों के विरोध के बाद वर्तमान दायित्व से हटाकर अगली व्यवस्था तक गरियाबंद स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व कार्यालय में विशेष अधिकारी के रूप में संबद्ध किया गया है। ग्रामीणों ने अधिकारी पर गलत व्यवहार के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के रिसगांव रेंज में पदस्थ परिक्षेत्र अधिकारी को ग्रामीणों के विरोध के बाद वर्तमान दायित्व से हटाकर अन्य स्थान पर संबद्ध किए जाने का आदेश जारी किया गया है। वन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारी को आगामी आदेश तक उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व गरियाबंद कार्यालय में विशेष अधिकारी के रूप में संलग्न किया गया है। इस निर्णय के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से रिसगांव रेंज के ग्रामीण परिक्षेत्र अधिकारी के व्यवहार को लेकर नाराजगी जता रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि अधिकारी आम लोगों के साथ उचित व्यवहार नहीं करते थे, जिससे वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के बीच लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए संबंधित अधिकारी को रेंज से हटाने की मांग की थी।
ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में वन संरक्षण और ईको टूरिज्म जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर स्थानीय लोगों का सहयोग आवश्यक है। ऐसे में अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। उनका आरोप था कि व्यवहार संबंधी समस्याओं के कारण यह समन्वय प्रभावित हो रहा था, जिससे विकास और संरक्षण संबंधी गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा था।
ग्रामीणों के विरोध और बढ़ते तनाव को देखते हुए वन विभाग ने परिक्षेत्र अधिकारी को वर्तमान पदस्थापना से हटाकर आगामी आदेश तक उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व गरियाबंद में विशेष अधिकारी के रूप में संबद्ध करने का आदेश जारी किया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह निर्णय प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने के उद्देश्य से लिया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग का यह निर्णय सकारात्मक पहल है। उनका मानना है कि इससे विभाग और ग्रामीणों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होगा तथा वन संरक्षण और ईको टूरिज्म से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। ग्रामीणों ने यह भी अपेक्षा जताई है कि भविष्य में ऐसे अधिकारी की पदस्थापना की जाए जो स्थानीय लोगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सके और जनसहभागिता के साथ कार्य करे।
वन विभाग की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि जारी आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारी को अगली व्यवस्था तक विशेष अधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।