108 एंबुलेंस में हुआ सुरक्षित प्रसव, स्वास्थ्यकर्मी की तत्परता से मां और नवजात स्वस्थ

गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले 108 एंबुलेंस में ही स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। एंबुलेंस में तैनात ईएमटी पूजा चक्रधारी की सूझबूझ और तत्परता से सुरक्षित प्रसव कराया गया। मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

Jun 22, 2026 - 11:21
Jun 22, 2026 - 12:06
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108 एंबुलेंस में हुआ सुरक्षित प्रसव, स्वास्थ्यकर्मी की तत्परता से मां और नवजात स्वस्थ

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l जिले के मैनपुर क्षेत्र से एक प्रेरणादायक और सुखद समाचार सामने आया है, जहां समय पर मिली स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता के कारण एक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव 108 एंबुलेंस में ही कराया गया। मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं

जानकारी के अनुसार तुहामेटा निवासी सतना सोरी को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया। सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और महिला को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर ले जाया जाने लगा।

अस्पताल पहुंचने के दौरान नवमुड़ा नाला के पास महिला की प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एंबुलेंस में तैनात ईएमटी पूजा चक्रधारी ने बिना समय गंवाए आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया शुरू की। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने धैर्य, अनुभव और कुशलता का परिचय देते हुए एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया।

दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। नवजात का वजन 2 किलो 800 ग्राम दर्ज किया गया। प्रसव के बाद एंबुलेंस कर्मियों ने मां और नवजात की प्राथमिक देखभाल सुनिश्चित की तथा दोनों को सुरक्षित रूप से मैनपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद बताया गया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। चिकित्सकों ने एंबुलेंस टीम द्वारा समय पर किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तत्परता से किसी भी संभावित जोखिम को टाला जा सका।

ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस सेवा लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है। कई बार अस्पताल पहुंचने में लगने वाले समय के कारण मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी ऐसी परिस्थितियों में बड़ी राहत प्रदान करती है।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं केवल मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर जीवन बचाने और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस सेवा और ईएमटी पूजा चक्रधारी के कार्य की सराहना की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस सफल प्रसव को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता का उदाहरण बताया है।

यह घटना न केवल स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि समय पर उपलब्ध चिकित्सा सेवाएं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए कितनी महत्वपूर्ण और जीवनदायी हो सकती हैं।