दोना-पत्तल मशीन के नाम पर कथित ठगी का मामला गहराया, मुख्य आरोपी शैलेन्द्र रजक गिरफ्तार

रायपुर के सरोना स्थित भारती महिला शक्ति फाउंडेशन पर दोना-पत्तल, नोटबुक और अन्य मशीनों के नाम पर कथित ठगी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी शैलेन्द्र रजक को गिरफ्तार किया है। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी ने व्यवसाय स्थापित कराने और मासिक आय का भरोसा देकर कई राज्यों के लोगों से लाखों रुपये लिए, लेकिन वादे पूरे नहीं किए। मामले में डी.डी. नगर थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच जारी है।

Jun 30, 2026 - 16:46
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दोना-पत्तल मशीन के नाम पर कथित ठगी का मामला गहराया, मुख्य आरोपी शैलेन्द्र रजक गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l राजधानी रायपुर के सरोना स्थित भारती महिला शक्ति फाउंडेशन पर दोना-पत्तल, नोटबुक और अन्य मशीनों की बिक्री के नाम पर कथित ठगी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी शैलेन्द्र रजक को गिरफ्तार कर लिया है। मामला डी.डी. नगर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कंपनी ने व्यवसाय स्थापित कराने, मशीन उपलब्ध कराने, तैयार माल खरीदने (बाय-बैक सिस्टम) और प्रतिमाह 60 से 70 हजार रुपये तक आय होने का भरोसा देकर छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, बिहार, ओडिशा सहित कई राज्यों के लोगों से लाखों रुपये लिए। आरोप है कि भुगतान लेने के बाद अधिकांश मामलों में वादे के अनुरूप मशीन, कच्चा माल या अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

मामले में बिलासपुर निवासी शशि चौबे भी शिकायतकर्ता के रूप में सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि दोना-पत्तल मशीन लगाने के लिए कंपनी को 8 लाख 40 हजार रुपये का भुगतान किया था, लेकिन अब तक मशीन उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि व्यवसाय शुरू कराने और नियमित आय का आश्वासन भी पूरा नहीं किया गया।

इसी मामले में झारसुगुड़ा (ओडिशा) निवासी सुरेश कुमार ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि वर्ष 2025 में उन्होंने नोटबुक मशीन लगाने के लिए 18 लाख रुपये का बैंक ऋण लेकर कंपनी को भुगतान किया, लेकिन वादे के अनुरूप व्यवसाय शुरू नहीं हो सका और अपेक्षित सुविधाएं भी नहीं मिलीं।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी दोना-पत्तल मशीन की कीमत लगभग 2.56 लाख रुपये और एक टन कच्चे माल के लिए करीब 65 हजार रुपये लेती थी। ग्राहकों को 7 से 10 दिनों में मशीन की डिलीवरी, 2 से 3 टन कच्चा माल उपलब्ध कराने तथा हर सप्ताह तैयार माल खरीदने का भरोसा दिया जाता था। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कई लोगों को मशीन समय पर नहीं मिली, कुछ को महीनों बाद मशीन मिली और कई मामलों में इंस्टॉलेशन में भी लंबा समय लगा। बाद में कंपनी के जिम्मेदार लोगों से संपर्क भी नहीं हो सका। इन सभी आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।

29 जून को रायपुर प्रेस क्लब में विभिन्न राज्यों के शिकायतकर्ताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपने दस्तावेज और आरोप सार्वजनिक किए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा कथित रूप से ठगी गई राशि वापस दिलाने की मांग की।

पुलिस के अनुसार, मामले में मुख्य आरोपी शैलेन्द्र रजक को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। बैंक लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य शिकायतों की जांच जारी है। जांच के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों का परीक्षण कर मामले की विवेचना कर रही है।