प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने करीब तीन घंटे तक जिलाध्यक्षों के साथ संवाद किया। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा, संगठन की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए समर्पित एक जनआंदोलन है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी की पहचान हमेशा लोकतंत्र, समानता और संविधान की रक्षा से जुड़ी रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने, उनकी समस्याओं को समझने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की वास्तविक ताकत उसके बूथ स्तर के कार्यकर्ता होते हैं। प्रत्येक जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वह गांव-गांव, वार्ड-वार्ड और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाए। उन्होंने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए जनसंपर्क अभियान तेज करने, युवाओं, महिलाओं, किसानों और श्रमिकों को कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ने तथा स्थानीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने सभी जिलाध्यक्षों से अलग-अलग मुलाकात कर उनके जिलों की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय स्तर पर संगठन की चुनौतियों, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनता के बीच पार्टी की पहुंच को लेकर सुझाव भी दिए। इस संवाद को संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
दुर्ग (ग्रामीण) कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि उनका मार्गदर्शन प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ता के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने, जनता से लगातार संवाद बनाए रखने और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश संगठन के लिए महत्वपूर्ण है।
राकेश ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा दिए गए संगठनात्मक सूत्रों को दुर्ग (ग्रामीण) जिले में पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांवों और शहरी क्षेत्रों में जनता के बीच सक्रिय रहकर संगठन को और अधिक मजबूत बनाएंगे तथा आम लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। कांग्रेस का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।