महासमुंद कांग्रेस भवन में मनाई गई पं. रविशंकर शुक्ल और पं. विद्याचरण शुक्ल की जयंती, कांग्रेस नेताओं ने किया योगदान का स्मरण

महासमुंद कांग्रेस भवन में जिला कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में पंडित रविशंकर शुक्ल और पंडित विद्याचरण शुक्ल की जयंती मनाई गई। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र निर्माण और जनसेवा में योगदान को याद किया तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

Aug 4, 2026 - 11:05
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महासमुंद कांग्रेस भवन में मनाई गई पं. रविशंकर शुक्ल और पं. विद्याचरण शुक्ल की जयंती, कांग्रेस नेताओं ने किया योगदान का स्मरण

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l महासमुंद स्थित कांग्रेस भवन में जिला कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में स्वतंत्रता सेनानी एवं अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित विद्याचरण शुक्ल की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने दोनों नेताओं के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके राजनीतिक, सामाजिक तथा राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया।

कार्यक्रम की शुरुआत दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन नेताओं में शामिल है जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष करने के साथ-साथ स्वतंत्र भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और विकास की मजबूत नींव रखने का कार्य किया।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल का जीवन राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और जनकल्याण के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने शिक्षा, कृषि, सिंचाई, आधारभूत संरचना और प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। उनके दूरदर्शी नेतृत्व का लाभ आने वाली कई पीढ़ियों को मिला और आज भी उनके योगदान को सम्मान के साथ याद किया जाता है।

कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित विद्याचरण शुक्ल के राजनीतिक जीवन और सार्वजनिक सेवा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि वे राष्ट्रीय राजनीति के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे और लंबे समय तक केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से महासमुंद क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं।

सभा में यह भी कहा गया कि महासमुंद क्षेत्र का पंडित विद्याचरण शुक्ल से विशेष संबंध रहा है। इस क्षेत्र की जनता ने उन्हें हमेशा भरपूर समर्थन दिया और उन्होंने भी क्षेत्र के विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा जनहित के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि महासमुंद की पहचान लंबे समय तक शुक्ल परिवार के राजनीतिक योगदान से जुड़ी रही है और इस क्षेत्र के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आज के समय में दोनों नेताओं के आदर्श और विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, सामाजिक समरसता, जनसेवा और विकास की भावना को आगे बढ़ाने के लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर जनहित के मुद्दों पर कार्य करने का आह्वान किया।

श्रद्धांजलि सभा का संचालन मंडल अध्यक्ष खिलावन बघेल ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं के आदर्शों पर चलने तथा संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों और देश के निर्माण में योगदान देने वाले नेताओं का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश के इतिहास, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा की परंपरा से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, जिला प्रभारी महामंत्री लक्ष्मण पटेल, जिला कोषाध्यक्ष सेवनलाल चंद्राकर, मंडल अध्यक्ष खिलावन बघेल, दाऊलाल चंद्राकर, संजय शर्मा, शहर महामंत्री निर्मल जैन, ब्लॉक अध्यक्ष खिलावन साहू, निखिलकांत साहू, कृष्णा चंद्राकर, भरत ठाकुर, ढेलू निषाद, पार्षद मुस्ताक खान विक्की, डॉ. तरुण साहू, वीरेंद्र चंद्राकर, नितेंद्र बैनर्जी, हार्दिक सोना, प्रदीप चंद्राकर, अनीश राजवानी, कमल प्रजापति, राजेश मुखर्जी, अब्दुल जावेद, तुलसी देवादास, भानु सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में दोनों नेताओं के योगदान को स्मरण करते हुए किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने उनके आदर्शों को अपनाने, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने तथा समाज और राष्ट्र के विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ऐसे प्रेरणादायी व्यक्तित्वों की स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों को सदैव जनसेवा, ईमानदारी और राष्ट्रहित के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेंगी।